Yogi Raises Questions on SP Government: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने सपा सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए पार्टी के पीडीए फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर सपा नेतृत्व की आलोचना की और दावा किया कि पिछली सरकार में भर्ती प्रक्रिया के दौरान युवाओं के साथ अन्याय हुआ था।
राज्यसभा टिकट को लेकर सपा के पीडीए पर तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए की बात करती है, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में इस फॉर्मूले का पालन कहां हुआ। उन्होंने पीडीए को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए सपा पर तंज कसा। योगी ने आरोप लगाया कि पार्टी ने एक टिकट अपने रिश्तेदार को दिया, जबकि दूसरी सीट पर मुंबई के एक धनी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने सवाल किया कि सपा ने स्थानीय नेताओं या अन्य वर्गों के प्रतिनिधियों को मौका क्यों नहीं दिया।
भर्ती आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति पर उठाए सवाल
योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती आयोगों की नियुक्तियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया गया था, जिसकी योग्यता को लेकर सवाल थे। मुख्यमंत्री ने एक परीक्षा में कथित तौर पर कमजोर शैक्षणिक रिकॉर्ड वाले अभ्यर्थी के शीर्ष स्थान पर पहुंचने का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था से युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा।
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‘सैफई सिंडिकेट’ को लेकर मुख्यमंत्री का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्तियों में परिवार के करीबी लोगों का प्रभाव रहता था। उन्होंने इसे ‘सैफई सिंडिकेट’ बताते हुए दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में चाचा-भतीजे की जोड़ी का दबदबा था और नियुक्तियों में वसूली होती थी। योगी ने कहा कि उस समय युवाओं को सरकारी नौकरी पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लगाए; भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनके दावों पर इस बयान में सपा की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
छह महीने में एक लाख नियुक्ति पत्र देने का ऐलान
योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार में सरकारी नौकरियों को लेकर आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि बीजेपी सरकार के पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने इसे मौजूदा सरकार की भर्ती प्रक्रिया से जोड़ते हुए पिछली सपा सरकार के कार्यकाल पर भी निशाना साधा।