CM योगी जो कहते हैं वो पत्थर की लकीर होता है, इस बात को जिसने भी भूलने की कोशिश की, उसे योगी ने झूठा साबित कर दिखाया है, क्योंकि अब UP में मिशन महिष्मति की शरुआत होने जा रही है जिससे न सिर्फ UP की तस्वीर और तकदीर बदलेगा बल्कि स्वच्छ वातावरण लोगों को मिलेगा. सबसे पहले संभल से की जाएगी शुरूआत. उसके बाद पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा मॅाल.. आइये जानते हैं आखिर क्या है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरगामी रणनीति जिससे प्रदेश को समृद्धि के पंख लगने जा रहे हैं..
क्या है मिशन महिष्मति
दरअसल UP में कई ऐसी नदियां है जो अपना अस्तित्व खोती जा रही है, लेकिन योगी ने सबको एक नया जीवन देने की ठान ली है, जिसका नाम मिशन महिष्मति है, बता दें मिशन महिष्मति नाम नदी से जुड़ा हुआ है, जो संभल जिले की वो नदी है, जो कभी गांवों की शान हुआ करती थी. कभी किसानों के खेतों को सींचती थी, गांवों को पानी देती थी, लेकिन कुछ लोगों ने अतिक्रमण, गंदगी और लापरवाही ने इस नदी को बर्बादी के रास्ते पर डाल दिया था. लोगों ने इसकी धारा रोक दी, और सरकारें बस देखती रहीं, लेकिन योगी ने अब कहानी बदलने की ठान ली है, बता दें योगी ने इस धरोहर को बचाने का संकल्प लिया है, जिसके चलते मिशन महिष्मति चलाया जा रहा है, इसके तहत नदी को न केवल साफ किया जाएगा,बल्कि इसके किनारों से अतिक्रमण हटाकर इसे फिर से बहने लायक बनाया जाएगा.
क्या कहती है मीडिया रिपोर्ट्स
मी़डिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस योजना में गाद निकाली जाएगी,नदी के दोनों ओर हरियाली पट्टियाँ बनाई जाएंगी,और नदी के स्वाभाविक प्रवाह को फिर से बहाल किया जाएगा. ऐसा नहीं की सिर्फ एक ही नदी का कायाकल्प होने जा रहा है, बता दें संभल में पांच नदियों को फिर से जीवित करने की योजना है. जो UP की पहली ‘नदी पुनर्जीवन परियोजना’ के जरिए चल रही है, लेकिन संभल में एक साथ कई नदियों पर काम शुरू हो चुका है. बता दें इस अभियान का मकसद सिर्फ नालों को साफ करना नहीं है.