
नेपाल की राजधानी काठमांडू से लेकर छोटे कस्बों तक विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं. पथराव और टकराव की घटनाओं ने माहौल तनावपूर्ण बना दिया है. इन घटनाओं की तस्वीरें भारत तक पहुंच रही हैं और सबसे ज्यादा चिंता उन भारतीय नागरिकों को लेकर है जो इस वक्त नेपाल में मौजूद हैं. इनमें छात्र, व्यापारी, श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हैं। परिवार लगातार अपने प्रियजनों की चिंता में डूबे हैं कि वे सुरक्षित घर कब लौटेंगे.
योगी का बड़ा फैसला- बॉर्डर पर हाई अलर्ट
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल ठोस एक्शन प्लान लागू किया. नेपाल से सटे चार जिलों बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर और महाराजगंज को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है. आदेश सीधे डीजीपी को दिए गए कि सीमा पर सुरक्षा 24 घंटे सक्रिय रहे और किसी भी स्तर पर ढिलाई न हो. इसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई. सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है, गश्त तेज कर दी गई है और हर वाहन व व्यक्ति की सख्ती से जांच हो रही है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तक लगाए गए हैं ताकि हर स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके.
24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर
योगी सरकार ने साफ कर दिया है कि नेपाल में मौजूद भारतीय किसी भी हाल में अकेले नहीं रहेंगे. उनकी मदद के लिए लखनऊ में 24×7 कंट्रोल रूम बनाया गया है और कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. ये कंट्रोल रूम एडीजी स्तर के अधिकारी की देखरेख में काम कर रहा है. प्रशिक्षित टीम हर कॉल को गंभीरता से सुन रही है और तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क कर मदद पहुंचा रही है.
हेल्पलाइन नंबर:
0522-2390257
0522-2724010
9454401674
WhatsApp नंबर: 9454401674
इन नंबरों पर कॉल या संदेश करके तुरंत सहायता ली जा सकती है. सरकार का कहना है कि व्यापारी हों, छात्र हों, श्रद्धालु या पर्यटक किसी को भी कठिनाई नहीं होगी.
सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी
ऐसे हालात में गलत जानकारी फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसे रोकने के लिए योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं. यूपी पुलिस की विशेष टीम नेपाल से जुड़ी हर संवेदनशील पोस्ट और खबर पर नजर रख रही है. किसी भी भ्रामक सूचना के सामने आते ही तुरंत कार्रवाई की जा रही है। लोग अब सीधे प्रशासनिक चैनलों और हेल्पलाइन पर भरोसा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं। गोरखपुर दौरे पर होने के बावजूद वे अधिकारियों से पल-पल की रिपोर्ट ले रहे हैं. उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि नेपाल से लौटने वाले हर भारतीय को सुरक्षित घर पहुंचाया जाए.