मुहर्रम के अवसर पर यूपी सरकार ने कानून-व्यवस्था के लिहाज से हर तरीके से तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यूपी के कई जिलों में विशेषकर संभल और बरेली में ड्रोन और CCTV की तैनाती, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, जुलूस मार्गों की पूर्व स्वीकृति और नाबालिगों को ताजिया जुलूस में शामिल न करने जैसे सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. इन उपायों का उद्देश्य ‘श्रद्धा का जश्न, न कि जंग’ सुनिश्चित करना है, जिसे मुस्लिम समुदाय सहित सभी वर्गों ने स्वागत से देखा है.
सरकार का सख्त अभियान
उत्तर प्रदेश में मुहर्रम की सुरक्षा और सौहार्द सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त अभियान चला दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खासकर संभल और बरेली में मज़हबी जुलूसों के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं. जैसे कि संवेदनशील इलाकों में 900 से अधिक लोगों पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें शहर में हिंसा की प्रवृत्ति रखने वाले शामिल हैं.
संभल में ASP राजेश श्रीवास्तव और CO कुलदीप सिंह ने माहौल बनाए रखने के लिए नाबालिगों को ताज़िया जुलूस में शामिल नहीं होने और चप्पे-चप्पे पर ढोल, ताज़िया की ऊँचाई और नए रास्तों पर रोक जैसे निर्देश जारी किये हैं.
इसके अलावा प्रदेश के कई जिलों जैसे वाराणसी, गाजियाबाद में ड्रोन और CCTV निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है, साथ ही सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित की गई है.
मुस्लिम समुदाय ने किया स्वागत
इन फैसलों का मुस्लिम समुदाय ने भी स्वागत किया है. क्योंकि यह व्यवस्था मौजूदा धर्मिक इबादत को नहीं रोक रही, बल्कि शांति और सौहार्द के साथ पर्व को मनाए जाने की राह आसान कर रही है.
सरकार का स्पष्ट संदेश
योगी सरकार का संदेश स्पष्ट है कि जुलूसों में ‘शोभा’ हो, ‘शोर’ नहीं—श्रद्धा हो, उन्माद नहीं.”
नफरत और अराजकता को नहीं करेंगे बर्दाश्त
सरकार ने मुहर्रम के दौरान अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का ऐलान पहले ही कर दिया है. यूपी डीजीपी राजीव कृष्णा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि-
नए जुलूस मार्गों की अनुमति नहीं दी जाएगी और हथियारों के प्रदर्शन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा.
विवादास्पद तत्वों पर रोक-टोक और अग्रिम कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया पर भी निगरानी होगी.
संभल जिले में ही 900 से अधिक संदिग्धों पर रोक लगाई गई है, परामर्श के बाद ही जुलूस में शामिल होने की छूट है.
कानपुर, वाराणसी समेत अन्य जिलों में ड्रोन और CCTV तैनाती की गई है और पुलिस को प्रोवोकेटिव स्लोगन या हथियार देखते ही तुरंत कड़ी कार्रवाई की हिदायत दी गई है.