हमीरपुर जिले के मुस्करा क्षेत्र स्थित छानी बांध गांव में बुधवार को एक अनोखा विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसने क्षेत्रभर में लोगों का ध्यान आकर्षित किया. ये शादी किसी इंसानी जोड़े की नहीं, बल्कि महंत संतोषानंद के पालतू कुत्ते 'सेवानंद' और गोहांड क्षेत्र के मुशाई मौजा निवासी कुतिया 'विचित्र कुमारी' के बीच संपन्न हुई.
हिंदू रीति-रिवाजों का पालन
इस अनूठे विवाह में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया. सेवानंद को दूल्हे की तरह सजाया गया, तिलक लगाया गया और बारात रवाना होने से पहले गांव के देवी-देवताओं के स्थानों पर ले जाकर पूजा-अर्चना करवाई गई. बारात में बैंड-बाजा, डीजे और बन्ना गीतों के साथ 200 से अधिक ग्रामीणों ने हिस्सा लिया.
दुल्हन पक्ष ने बारातियों का किया स्वागत
ग्राम प्रधान के पति धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह विवाह सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पशुप्रेम और पारंपरिक लोक परंपराओं का उदाहरण है. बारात निजी वाहनों के जरिए मुशाई मौजा तक पहुंची, जहां दुल्हन पक्ष की ओर से भोजन और स्वागत की समुचित व्यवस्था की गई थी.
वैदिक मंत्रोच्चारण और परंपरागत रस्मों के साथ विवाह संपन्न हुआ. गुरुवार को 'दुल्हन' विचित्र कुमारी की विदाई कराकर उसे छानी बांध लाया गया.
हमीरपुर में इस तरह के अनोखे विवाह पहले भी हो चुके हैं, लेकिन सेवानंद और विचित्र कुमारी की यह शादी ग्रामीणों के लिए एक यादगार आयोजन बन गई.