Loki Patton ki Sabji : भारत की ग्रामीण रसोइयों में लोकी के पत्तों की सब्ज़ी एक पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर व्यंजन के रूप में जानी जाती है. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में यह सब्ज़ी बहुत चाव से खाई जाती है. यहाँ के लोग न केवल लोकी की फल को, बल्कि उसके पत्तों और डंठल को भी बड़े स्वाद से पकाते हैं. इस सब्ज़ी की खास बात यह है कि यह हल्की, सुपाच्य और शरीर को ठंडक देने वाली होती है, जो गर्मियों में विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है.
लोकी के पत्तों की सब्ज़ी बनाने की विधि
सामग्री:
लोकी के हरे ताजे पत्ते – 2 कप (बारीक कटे हुए)
बेसन – 2 टेबल स्पून
प्याज़ – 1 मध्यम (बारीक कटा हुआ)
लहसुन – 4-5 कलियाँ (कुटी हुई)
हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई)
हल्दी पाउडर – 1/4 टीस्पून
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टीस्पून (ऐच्छिक)
नमक – स्वादानुसार
सरसों का तेल – 2 टेबल स्पून
राई/सरसों – 1/2 टीस्पून
हींग – एक चुटकी
विधि:
1. सबसे पहले लोकी के पत्तों को अच्छी तरह धोकर बारीक काट लें.
2. एक बर्तन में बेसन, थोड़ा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर एक पतला घोल तैयार करें.
3. कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें। तेल गरम होने पर उसमें राई और हींग डालें.
4. फिर उसमें कटा हुआ प्याज़, लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
5. अब इसमें हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालकर मिलाएं.
6. फिर कटे हुए लोकी के पत्ते डालें और 4-5 मिनट तक मध्यम आँच पर पकाएं.
7. अब उसमें बेसन का घोल धीरे-धीरे डालते जाएँ और साथ ही लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न बने.
8. ढककर 5-7 मिनट तक धीमी आँच पर पकाएँ, जब तक बेसन अच्छी तरह से पक न जाए और सब्ज़ी सूखने लगे.
9. ऊपर से थोड़ा सरसों का तेल टपका सकते हैं स्वाद बढ़ाने के लिए.
परोसने का तरीका
इस सब्ज़ी को गर्मागरम रोटी, पराठे या बाजरे की रोटी के साथ परोसा जाता है. कुछ लोग इसे चावल और दाल के साथ भी खाना पसंद करते हैं.
पोषण और फायदे:
लोकी के पत्ते फाइबर, आयरन और विटामिन्स से भरपूर होते हैं. यह सब्ज़ी विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है. गर्मियों में यह शरीर को ठंडा रखती है और पाचन को बेहतर बनाती है. अगर आप ग्रामीण स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक भोजन की तलाश में हैं, तो लोकी के पत्तों की यह सब्ज़ी ज़रूर आज़माएँ. यह सादगी और स्वाद का बेहतरीन मेल है.