
उत्तराखंड देहरादून के सहस्त्रधारा में बीतीरात बादल फटने से मची तबाही में मेरठ के किठौर निवासी युवक की भी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने कड़ी मशक्कत से उसे निकालकर मोर्चरी भेजा। बेटे की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मचा है। शव लेने के लिए परिजन उत्तराखंड को रवाना हो गए हैं।
मेरठ के किठौर का मोहल्ला मौसम खानी निवासी मुहम्मद कैफ (19) पुत्र अफजाल अपने भाईयों के साथ देहरादून के सहस्त्रधारा में रहकर बिल्डिंगों में टाइल्स पत्थर घिसाई का काम करता था। सोमवार देररात सहस्त्रधरा में अचानक बादल फटकर गिरने से सैलाब आ गया। जिसकी चपेट में आकर आसपास के सैकड़ों मकान ध्वस्त हो गए। कैफ भी इन्हीं में से किसी मकान में सोया हुआ था। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम को कैफ का शव तड़के 5 बजे हाथ लगा तो उन्होंने परिजनों को सूचना देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बेटे की अचानक मौत की खबर से अफजाल के परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार सुबह परिजन शव लेने के लिए उत्तराखंड रवाना हो गए।
अविवाहित था कैफ
मुहम्मद कैफ के चचेरे भाई वसीम ने बताया कि कैफ अविवाहित और चार भाईयों खालिद, सलमान, दानिश में सबसे छोटा था। कैफ के बड़े भाई भी मकानों में टाइल्स पत्थर लगाने का काम करते हैं। बेटे की मौत पर अथाह गम में डूबे अफजाल ने बताया कि कैफ उत्तराखंड में ही काम करता था। वह महीने-दो महीने में घर आता था। इस बार भी दो महीने पहले घर आया था। वह उत्तराखंड में कहां रहता था। उन्हें ये पता नही। मौत की खबर सुन कैफ की मां हसीना का भी रो-रोकर बुरा हाल है।