भोपाल में मंगलवार को यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता एसआईआर के विरोध में सड़क पर उतर आए। नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के बाद कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने व्यापम चौराहे पर बैरिकेटिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन टकराव बढ़ने पर वॉटर कैनन और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालात बिगड़ते देख कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया गया।
CEO ऑफिस की ओर बढ़ा जुलूस, पुलिस ने व्यापम चौराहे पर रोका
युवा कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े समूह में नारेबाजी करते हुए CEO ऑफिस की ओर बढ़ रहे थे। जैसे ही जुलूस व्यापम चौराहे पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेटिंग कर रास्ता बंद कर दिया। कार्यकर्ता रुकने को तैयार नहीं थे और बैरिकेट पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
टकराव बढ़ा तो वॉटर कैनन से रोका गया प्रदर्शन
बैरिकेट तोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी भी हुई। स्थिति नियंत्रित नहीं होती देख पुलिस ने वॉटर कैनन चलाए और तेज पानी की बौछार से प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला। इसके बावजूद कई कार्यकर्ता लगातार आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे।
हल्का बल प्रयोग भी किया, कार्यकर्ताओं में नाराज़गी बढ़ी
जब पुलिस की चेतावनियों का असर नहीं हुआ, तो हल्का बल प्रयोग किया गया। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस कार्रवाई से भीड़ और अधिक भड़क उठी। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेट तोड़ने की कोशिश जारी रखी, जिसके चलते पुलिसकर्मियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा।
कई कार्यकर्ता गिरफ्तार, बस भर जाने पर हालत बिगड़ी
हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने बस मंगवाकर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। कई कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जाने से पहले ही बस की छत और सीढ़ियों पर चढ़ गए। भीड़ ज्यादा होने से बस एक तरफ झुक गई, जिसके पलटने की आशंका के चलते पुलिस ने सभी को नीचे उतारकर अलग-अलग वाहनों में ले जाया।
यश घनघोरिया का हमला—“युवा ही बदलाव लाएंगे, वोट बचाने की लड़ाई जारी”
यश घनघोरिया ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र और वोट के अधिकार पर हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं, इसलिए कांग्रेस का हर कार्यकर्ता एसआईआर के विरोध मं जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—क्रांति हमेशा युवाओं ने की है, और मध्य प्रदेश में भी बदलाव युवा ही लाएंगे।