जनपद के थानारामराज क्षेत्र के गाँव पुट्ठी इब्राहिमपुर निवासी एक व्यक्ति की कार सवार लोगों द्वारा अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर शव गंगनहर में फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या के मामले में अपने घर छुट्टी पर आए एक फौजी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर गंगनहर से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हत्या में शामिल अन्य दो लोगो की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। मृतक के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद दोपहर बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया
रामराज थाना क्षेत्र के गाँव पुट्ठी इब्राहिमपुर निवासी 50 वर्षीय सुरेश पुत्र बाबू गुरुवार की देर शाम मीरापुर से खरीदारी कर गाँव आ रहा था। इस दौरान वह जैसे ही कैथोड़ा पुलिस चौकी को पार कर थोड़ा आगे पहुचा तो आरोप है कि मीरापुर की ओर से आई एक ब्रेजा कार सवार तीन लोगों ने उसको जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया। सुरेश के पत्नि सुनीता ने अपने पति के अपहरण का रामराज थाने में मामला दर्ज कराते हुए एसएसपी को भी मामले से अवगत कराया जिस पर मुजफ्फरनगर से एसएसपी संजय कुमार ने मामले में रामराज, मीरापुर व जानसठ थाने की पुलिस टीम के साथ ही।
मुख्यालय से एसओजी को भी अपरत की तलाश में लगाकर सुरेश की बरामदगी के निर्देश दिए। थाना रामराज पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से ब्रेजा कार के मालिक बहसूमा थाना क्षेत्र के गाँव सैफपुर-फिरोजपुर निवासी आर्मी के जवान विक्कल पुत्र रोहताश गुर्जर को गिरफ्तार किया तथा पूछताछ करते हुए उसकी निशानदेही पर ब्रेजा कार व रामराज की गंगनहर से अपहृत सुरेश का शव बरामद कर लिया। इंस्पेक्टर रवेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तथा घटना में शामिल अन्य लोगो की तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों ने शव को रखकर जाम लगाया
शनिवार को जब मृतक सुरेश कुमार पुत्र बाबू का शव पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में गाँव पहुंचा, तो सैकड़ो महिला व पुरुष ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और हत्या पर रोष व्यक्त करते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के शव को मेरठ-पौड़ी राजमार्ग पर सड़क के बीचोबीच शव रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना से पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया। आनन-फानन में मीरापुर, रामराज, जानसठ, सिखेड़ा, ककरौली थानों से पुलिस के साथ मौके पर पहुची सीओ जानसठ रुपाली रॉय, सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी, एसडीएम जानसठ राजकुमार भारती ने ग्रामीणों को समझाने का भरसक प्रयास किया किन्तु मृतक के परिजन व ग्रामीण हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक राजमार्ग से जाम न खोलने व मृतक का अन्तिम संस्कार न करने का जिद पर अड़े रहे। ओर धूप में ही सड़क पर बैठे रहे। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई। जिसके बाद आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण व मृतक के परिजन बामुश्किल शान्त हुए। इस दौरान प्रसाशनिक अधिकारियों के द्वारा 24 घण्टे में हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी करने व मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने के आश्वासन दिया गया। जिस पर करीब 3 घण्टे बाद ग्रामीणों में मृतक के शव को राजमार्ग से उठाते हुए राजमार्ग से जाम खुलवाया।
रेहड़े पर सब्जी बेचता था मृतक
मृतक सुरेश रेहड़े पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। सुरेश के तीन लड़कियां और एक लड़का है। तीनो लड़कियों की शादी हो चुकी है और लड़के मयंक ने इस वर्ष कक्षा 10 की परीक्षा दी है।