YouTube ने क्रिएटर्स के लिए मोनेटाइजेशन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है. करीब आठ साल बाद YouTube Partner Program (YPP) में कमाई के लिए जरूरी शर्तों को और सख्त किया जा रहा है. नए नियम खास तौर पर उन क्रिएटर्स को प्रभावित कर सकते हैं, जो Shorts के जरिए तेजी से मोनेटाइजेशन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
फरवरी 2027 से लागू होंगे नए नियम
रिपोर्ट के अनुसार नए नियम 1 फरवरी 2027 से लागू होने वाले हैं. नए बदलाव के बाद YPP के विज्ञापन-आधारित रेवेन्यू शेयरिंग के लिए नए क्रिएटर्स को कम से कम 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 12 महीनों में 8,000 योग्य वॉच ऑवर्स या 90 दिनों में 2 करोड़ योग्य Shorts व्यूज पूरे करने होंगे. मौजूदा सीमा 4,000 वॉच ऑवर्स या 1 करोड़ Shorts व्यूज बताई गई है.
पुराने क्रिएटर्स पर क्या असर होगा?
बताया गया है कि पहले से YPP में शामिल क्रिएटर्स पर नई शुरुआती पात्रता सीमा सीधे लागू नहीं होगी. हालांकि Shorts से कमाई जारी रखने के लिए नियमित प्रदर्शन और गतिविधि से जुड़ी शर्तें महत्वपूर्ण रहेंगी. YouTube का जोर ऐसे चैनलों पर है जो लगातार दर्शकों को आकर्षित करने वाला कंटेंट तैयार करते हैं.
सिर्फ वायरल वीडियो से नहीं बनेगी कमाई
नए बदलावों का मकसद ऐसे चैनलों को बढ़ावा देना है, जो लंबे समय तक दर्शकों की रुचि बनाए रखते हैं। यानी केवल एक-दो वायरल वीडियो के आधार पर मोनेटाइजेशन हासिल करना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है। क्रिएटर्स को लगातार उपयोगी, आकर्षक और ओरिजिनल वीडियो बनाने पर ध्यान देना होगा।
ओरिजिनल कंटेंट पर रहेगा जोर
YouTube पहले से ही दोहराए गए और बड़े पैमाने पर बनाए गए कम-गुणवत्ता वाले कंटेंट पर सख्ती करता रहा है. प्लेटफॉर्म की मौजूदा नीति के अनुसार बहुत ज्यादा रिपीट या टेम्पलेट आधारित कंटेंट मोनेटाइजेशन के योग्य नहीं माना जा सकता.
क्रिएटर्स के लिए क्या है जरूरी?
नए नियमों को देखते हुए क्रिएटर्स के लिए नियमित अपलोड, बेहतर दर्शक जुड़ाव और मौलिक कंटेंट पर ध्यान देना जरूरी होगा. खासकर Shorts बनाने वालों को केवल व्यूज बढ़ाने के बजाय लगातार मजबूत ऑडियंस तैयार करने की रणनीति अपनानी होगी.