
भारत से फरार कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाइक अब बांग्लादेश जाने की तैयारी कर रहा है. मिली रिपोर्ट्स के अनुसार नाइक अगले महीने बांग्लादेश का दौरा करेगा और वहां कई धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाली है. इसमें चौंकाने वाली बात तो ये है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार खुद उसके स्वागत की तैयारी में लगी हुई है. बता दें कि यह वही जाकिर नाइक है जिस पर 2016 में ढाका के होली आर्टिसन बेकरी आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप लगाया गया था. नाइक इस समय मलेशिया में रह रहा है और भारत में आतंक फैलाने और नफरत भड़काने के मामलों में वांटेड अपराधी घोषित है.
बांग्लादेश का भारत के खिलाफ राजनीतिक संदेश
वहीं बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का यह कदम भारत के खिलाफ एक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. भारत में जाकिर नाइक के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने, आतंक को फंडिंग देने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोपों में जांचें चल रही है. इसके बावजूद बांग्लादेश सरकार ने नाइक को अपने देश में बुलाने की अनुमति दे दी है. बताया जा रहा है कि जाकिर नाइक का यह दौरा 28 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलेगा. जिसको लेकर आयोजकों का कहना है कि सरकार से इस दौरे की पूरी अनुमति मिल चुकी है और कुछ अधिकारी कार्यक्रम के आयोजन में मदद भी कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक मोहम्मद यूनुस खुद भी इन आयोजनों में शिरकत करेंगे.
फरवरी में पाकिस्तान का भी दौरा कर चुका नाइक
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब जाकिर नाइक किसी पड़ोसी मुस्लिम देश का दौरा करने जा रहा है. इससे पहले वह इसी साल फरवरी में पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है, जहां उसने कई धार्मिक सभाओं को संबोधित किया था. हालांकि, यह वही बांग्लादेश है जहां 2016 के आतंकी हमले के बाद नाइक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. उस हमले में इस्लामी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) ने 20 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिनमें 9 इतालवी, 7 जापानी, एक अमेरिकी और एक भारतीय नागरिक शामिल थे. जिसकी जांच में सामने आया था कि हमले में शामिल दो आतंकी जाकिर नाइक के कट्टर अनुयायी थे और उसे सोशल मीडिया पर फॉलो किया करते थे.
शेख हसीना ने लगाया था नाइक पर प्रतिबंध
उस समय की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने जांच के बाद नाइक के बांग्लादेश आने को लेकर पूरी तरह से रोक लगा दी थी. उस वक्त जाकिर नाइक के फेसबुक पर करीब 1.4 करोड़ फॉलोअर्स थे, जिनमें से लगभग 40 लाख सिर्फ बांग्लादेश से थे. अब जब अंतरिम सरकार उसकी वापसी के लिए बेकरार दिखाई दे रही है, तो यह फैसला बांग्लादेश में भी राजनीतिक और धार्मिक बहस का विषय बन गया है.
NIA ने नाइक के खिलाफ UAPA में दर्ज किया मामला
भारत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जाकिर नाइक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत मामला दर्ज किया हुआ है. उस पर आतंकी फंडिंग, भड़काऊ भाषण और युवाओं को कट्टरपंथ की राह पर ले जाने के गंभीर आरोप लगे हैं. भारत ने कई बार मलेशिया से नाइक के प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन अब तक मलेशियाई सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.
कूटनीतिक दृष्टि से विवादित कदम
बांग्लादेश में जाकिर नाइक का स्वागत केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से विवादित कदम माना जा रहा है. जहां भारत इसे अपने खिलाफ कार्रवाई के रूप में देख रहा है, वहीं बांग्लादेश इसे धार्मिक संवाद और सहिष्णुता का प्रयास बताने की कोशिश कर रहा है. अब देखना यह होगा कि यह दौरा नाइक के लिए नया मंच साबित होता है या भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में एक और तनाव जोड़ देता है.