ICC T20 World Cup 2026 जिम्बाब्वे के लिए खास बन गया है। सिकंदर रजा की कप्तानी में टीम ने ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर सुपर-8 में जगह बना ली। यह पहली बार है जब जिम्बाब्वे इस चरण तक पहुंचा है। इस जीत ने टीम का हौसला भी बढ़ाया और दुनिया का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया।
सुपर-8 में पहुंचने का बड़ा फायदा
सुपर-8 में पहुंचना सिर्फ खेल के लिहाज से ही नहीं, पैसों के मामले में भी बड़ा कदम है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल हर टीम को उसके प्रदर्शन के आधार पर इनामी रकम देता है। इस बार भी पिछले टूर्नामेंट जितनी ही बड़ी राशि मिलने की उम्मीद है। ऐसे में जिम्बाब्वे को सुपर-8 में पहुंचने पर करीब 382,500 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 3.5 करोड़ रुपए की गारंटीड रकम मिल सकती है।
जीत के साथ बढ़ती जाएगी रकम
सिर्फ क्वालिफाई करने से ही नहीं, हर मैच जीतने पर भी अलग से पैसा मिलता है। सेमीफाइनल और फाइनल को छोड़कर हर जीत पर करीब 31,154 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 28 लाख रुपए मिलते हैं। जिम्बाब्वे अब तक ग्रुप स्टेज में 2 मैच जीत चुका है और एक मुकाबला श्रीलंका से बाकी है। आगे सुपर-8 में भी 3 मैच खेलने हैं, जिससे इनामी रकम और बढ़ सकती है।
सेमीफाइनल का सपना और बड़ी कमाई
अगर जिम्बाब्वे की टीम सेमीफाइनल में पहुंच जाती है तो उसे और ज्यादा इनाम मिलेगा। यह एसोसिएट देशों के लिए बहुत बड़ी बात है, क्योंकि इतनी रकम कभी-कभी सालभर की फंडिंग से भी ज्यादा होती है। ऐसे में हर जीत टीम के लिए दोहरा फायदा लेकर आ रही है।
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सुपर-8 में कड़ी टक्कर
सुपर-8 में जिम्बाब्वे का पहला मुकाबला 23 फरवरी को वेस्टइंडीज से होगा। इसके बाद 26 फरवरी को टीम इंडिया से भिड़ंत होगी। तीसरा मैच 1 मार्च को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला जाएगा। इन तीनों मुकाबलों में कम से कम 2 जीत दर्ज करनी होंगी, तभी सेमीफाइनल का रास्ता खुलेगा।
अब सबकी नजर जिम्बाब्वे पर
ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद जिम्बाब्वे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। टीम आत्मविश्वास से भरी है और उसके पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। अगर प्रदर्शन ऐसा ही रहा तो जिम्बाब्वे न सिर्फ इतिहास रचेगा, बल्कि इनामी रकम में भी नया रिकॉर्ड बना सकता है।