अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज में नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की मौत को लेकर एक आंकड़ा जारी किया है। इसके अनुसार, ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए संयुक्त हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। इस दौरान करीब 68 घटनाओं में 20 नाविकों या बंदरगाह कर्मियों की मौत हुई है।
घटनाओं में 35 लोग घायल
आईएमओ ने बताया कि इन घटनाओं में 35 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। संगठन के अनुसार, इस अवधि में औसतन हर 2.6 दिन में एक घटना दर्ज की गई। इनमें अधिकांश घटनाओं को 'हमले' के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
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सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाला
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है और वैश्विक तेल एवं गैस आपूर्ति के लिए इसका विशेष महत्व है। यहां बढ़ते हमलों ने व्यापारिक जहाजों, नाविकों और बंदरगाह कर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया है। आईएमओ के आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित जहाजों में तेल टैंकरों की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा कंटेनर जहाज और बल्क कैरियर भी घटनाओं की चपेट में आए। विभिन्न देशों के झंडे वाले जहाज इन घटनाओं में शामिल रहे हैं।
घटनाओं की रफ्तार में भी बदला
संकट के दौरान घटनाओं की रफ्तार में भी बदलाव आया। शांति वार्ता के दौरान घटनाओं की संख्या में कमी देखी गई, लेकिन वार्ता के बाद समुद्री मार्ग में फिर से हमलों की आवृत्ति बढ़ गई।
आईएमओ के मुताबिक, इस संकट से क्षेत्र में काम कर रहे करीब 20,000 नाविक, बंदरगाह कर्मचारी और ऑफशोर कर्मी प्रभावित हुए हैं। संगठन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान भी चलाया। जून में इस अभियान के तहत 136 जहाजों के जरिये करीब 2,900 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया।