8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की हो रही है। यही वह आधार है, जिससे कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होती है। फिलहाल आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों और पेंशनर्स से सुझाव ले रहा है। जानकारों का अनुमान है कि अगर आर्थिक हालात अनुकूल रहे और महंगाई नियंत्रित रही, तो फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जा सकता है।
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है। इसका असर सिर्फ बेसिक वेतन पर नहीं, बल्कि कई भत्तों और पेंशन पर भी पड़ता है। हालांकि कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल सैलरी महंगाई भत्ता, एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों पर भी निर्भर करती है।
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2027 तक आ सकती है रिपोर्ट
8वां वेतन आयोग अभी विभिन्न राज्यों में बैठकें कर रहा है। भुवनेश्वर के बाद अब कोलकाता में चर्चा होगी। इसके बाद भी कई दौर की बैठकें होंगी। उम्मीद है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर नया वेतन ढांचा लागू किया जाएगा।
1 करोड़ से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ 1 करोड़ से अधिक लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसमें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। हालांकि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, वेतन कितना बढ़ेगा और आयोग कब लागू होगा, इसका अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगा।