बुधवार को शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 150 अंक से अधिक फिसल गया। लगातार दूसरे दिन बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
तनाव की वजह बना होर्मुज स्ट्रेट
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव माना जा रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हालात फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई का अहम केंद्र है। ऐसे में यहां बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार का भी माहौल बिगाड़ दिया।
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तेल महंगा, दुनिया के बाजार भी दबाव में
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वहीं जापान, दक्षिण कोरिया समेत एशिया के कई शेयर बाजार भी गिरावट में कारोबार करते दिखे। इसका असर भारतीय निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा।
बड़े शेयरों में भी दिखी कमजोरी
बाजार में गिरावट के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। रिलायंस, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, आईटीसी और इंडिगो जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली दिखी। जानकारों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।