
8th Pay Commission approved: केंद्र सरकार ने अपने 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही वेतन वृद्धि की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। सरकार ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को भी हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत आयोग को 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें पेश करनी होंगी। उम्मीद है कि इस आयोग की रिपोर्ट के बाद सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
दिवाली के बाद मिला तोहफा
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने दिवाली के बाद हुई कैबिनेट बैठक में 8वें वेतन आयोग से जुड़ी शर्तों को मंजूरी दी है। इस फैसले से न सिर्फ कर्मचारियों को राहत मिलेगी, बल्कि बाजार में मांग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। हालांकि, बढ़ी हुई सैलरी के चलते सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ेगा, लेकिन महंगाई के दौर में कर्मचारियों को राहत देना प्राथमिकता मानी जा रही है।
जानें कौन करेंगे सैलरी तय और क्या है ToR का मतलब
आठवें वेतन आयोग में तीन सदस्य शामिल किए गए हैं—जस्टिस रंजना देसाई, प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन। ये टीम मिलकर तय करेगी कि कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन में कितना इजाफा होना चाहिए। आयोग को मिले टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी ToR एक ऐसा दिशानिर्देश दस्तावेज़ है जो इसके कामकाज का दायरा तय करता है। पिछली बार 7वें वेतन आयोग ने 2.57 के फिटमेंट फैक्टर से वेतन वृद्धि की सिफारिश की थी, और अब कर्मचारियों को उम्मीद है कि यह अनुपात और बढ़ाया जाएगा, जिससे उनकी आमदनी में सीधा लाभ मिल सकेगा।