
Relief for Asaram: रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें खराब स्वास्थ्य के आधार पर छह महीने की अंतरिम जमानत मंजूर की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। आसाराम ने अपनी बिगड़ती तबीयत और लगातार मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत का हवाला देते हुए रेगुलर बेल की याचिका दायर की थी। फिलहाल वे जोधपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पहले भी मिली थी सुप्रीम कोर्ट से राहत
इससे पहले जनवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी आसाराम को मेडिकल ग्राउंड पर मार्च तक की अंतरिम जमानत दी थी। शीर्ष अदालत ने उस समय कहा था कि आसाराम को उम्र संबंधी गंभीर बीमारियां हैं और उन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने तब भी मेडिकल रिपोर्ट को देखते हुए राहत दी थी, जिसके बाद अब राजस्थान हाई कोर्ट ने एक बार फिर उनकी जमानत अवधि बढ़ा दी है।
2013 में हुआ था गिरफ्तार, चल रहे हैं कई केस
आसाराम को अगस्त 2013 में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह घटना जोधपुर स्थित उनके आश्रम की बताई जाती है। गिरफ्तारी के दो महीने बाद, गुजरात के सूरत में भी उनके खिलाफ दो बहनों से रेप के आरोप में केस दर्ज किया गया था। तब से आसाराम जेल में हैं और कई मामलों में सजा भुगत रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह जमानत केवल चिकित्सकीय आधार पर दी गई है।