प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें फिर से जाग गई हैं। आयोग के गठन और सदस्यों के नाम सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि अब वेतन में बढ़ोतरी कब होगी। हालांकि मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों का वेतन तुरंत बढ़ जाएगा। अभी यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और आगे कई अहम कदम बाकी हैं।
आयोग बना, लेकिन सिफारिशें बाकी
8वें वेतन आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। सदस्य सचिव के रूप में आईएएस अधिकारी पंकज जैन को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य होंगे। हालांकि आयोग के गठन के बावजूद अभी तक इसकी सिफारिशें तैयार नहीं हुई हैं। जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपकर उस पर कैबिनेट की मंजूरी नहीं ले लेता, तब तक वेतन में कोई बदलाव नहीं होगा।
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1 जनवरी से बढ़ेगा वेतन या मिलेगा बकाया
सरकार की ओर से पहले जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। इसका मतलब यह है कि भले ही घोषणा बाद में हो, लेकिन वेतन और पेंशन का बकाया उसी तारीख से जोड़ा जाएगा। यानी कर्मचारियों को तुरंत बढ़ा हुआ वेतन भले न मिले, लेकिन उन्हें पिछली तारीख से एरियर मिलने की संभावना बनी रहेगी। यही वजह है कि कर्मचारी धैर्य के साथ सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
कितना बढ़ सकता है वेतन
जानकारों के मुताबिक सरकार न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा करने पर विचार कर रही है। मौजूदा 18 हजार रुपये के न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रतिमाह तक ले जाने की चर्चा है। वहीं, उच्चतम वेतन ग्रेड में भी बड़ी बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह पिछले वेतन आयोगों की तुलना में बड़ा बदलाव होगा। फिलहाल कर्मचारियों को सिफारिशों के आने और उनकी मंजूरी का इंतजार करना होगा, जिसके बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।