8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। सबसे ज्यादा नजर फिटमेंट फैक्टर पर है, क्योंकि इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को 3.83 करने की मांग की जा रही है। अगर यह मांग स्वीकार होती है तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। इसी व्यवस्था के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 6वें वेतन आयोग के 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी।
₹69,000 की कैसे बनेगी सैलरी
अगर 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी को इससे गुणा किया जाएगा। इस हिसाब से 18,000 × 3.83 करने पर रकम 68,940 रुपये बैठती है।
यानी नई व्यवस्था में न्यूनतम बेसिक पे करीब 69 हजार रुपये हो सकती है। हालांकि यह अभी केवल संभावित गणना है। 8वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन या फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है।
पहले आयोग में थी 55 रुपये
केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में लंबे समय में बड़ा बदलाव आया है। 1946 में लागू पहले वेतन आयोग में न्यूनतम मूल वेतन 55 रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया था।
1959 में लागू दूसरे वेतन आयोग के बाद यह बढ़कर 80 रुपये हुआ। 1973 में तीसरे वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पे 196 रुपये हो गई। इसके बाद 1986 में चौथे वेतन आयोग ने इसे बढ़ाकर 750 रुपये कर दिया।
ये भी पढ़ें : तय स्टेशन से ट्रेन छूटी तो कंफर्म टिकट भी हाथ से जाएगी, रेलवे के इस नियम ने यात्रियों की बढ़ाई चिंता
हर दशक में बदला वेतन ढांचा
1996 में लागू पांचवें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 2,550 रुपये पहुंची। 2006 में छठे वेतन आयोग ने इसे बढ़ाकर 7,000 रुपये कर दिया। इस दौरान 1.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इसके बाद 2016 में सातवां वेतन आयोग आया और न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये हो गई। इस आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था।
फैसले के बाद साफ होगी तस्वीर
अब 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को इसी तरह के बड़े बदलाव की उम्मीद है। अगर 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 69 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि वास्तविक वेतन वृद्धि सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर नहीं होगी। आयोग को वेतन, पेंशन और भत्तों समेत कई मुद्दों पर अपनी सिफारिशें देनी हैं। इसके बाद सरकार इन सिफारिशों की समीक्षा करेगी और अंतिम निर्णय लेगी। इसलिए फिलहाल 69 हजार रुपये की बेसिक सैलरी को संभावित आंकड़ा ही माना जा सकता है।