देश के करीब 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आज का दिन बेहद अहम है। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की ड्राफ्टिंग कमेटी आज बैठक कर रही है, जिसमें 8वें वेतन आयोग के लिए साझा मेमोरेंडम को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह दस्तावेज आने वाले समय में सैलरी, पेंशन और भत्तों का आधार बनेगा।
मेमोरेंडम में क्या होगा शामिल
इस बैठक में रेलवे, रक्षा और अन्य विभागों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को एक साथ जोड़ेंगे। इससे पहले 12 मार्च को हुई बैठक में इन मांगों की रूपरेखा तैयार की गई थी। आज इन्हें अंतिम रूप देकर आयोग को सौंपा जाएगा।
फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी उम्मीद
सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन अब कर्मचारी संगठन इसे 3.15 से 3.25 तक करने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार इसे मान लेती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है। इसके साथ ही HRA और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
DA मर्जर पर चर्चा संभव
महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ने का मुद्दा भी आज की बैठक में उठ सकता है। फिलहाल DA 58% के आसपास है और जल्द 60% पार कर सकता है। अगर इसे बेसिक सैलरी में मिला दिया जाता है, तो पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य भत्तों में भारी इजाफा देखने को मिलेगा।
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अतिरिक्त मांगों पर भी फोकस
कर्मचारी संगठनों की ओर से कुछ नए मुद्दे भी उठाए गए हैं, जो पहले शामिल नहीं थे। इन पर भी आज चर्चा होने की संभावना है। इससे यह साफ है कि इस बार मेमोरेंडम में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आगे की मीटिंग्स का शेड्यूल
आज की बैठक के बाद अगली बड़ी मीटिंग 24 अप्रैल को देहरादून में होगी। इसके अलावा 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में भी आयोग की अहम बैठक तय है, जहां विभिन्न पक्षों के साथ चर्चा की जाएगी।
आयोग का गठन और समयसीमा
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। कर्मचारियों की उम्मीद है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी।
कर्मचारियों की निगाहें टिकीं
आज की बैठक से कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी उम्मीदें हैं। अगर मांगें मान ली जाती हैं, तो यह लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है।