8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। चेन्नई और पुडुचेरी में बैठकें करने के बाद अब आयोग चंडीगढ़ में विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों से सुझाव लेने जा रहा है। 16 से 18 अगस्त के बीच होने वाली इस बैठक में वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
साल में 4 बार DA बढ़ाने की मांग
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता यानी DA साल में दो बार जनवरी और जुलाई में संशोधित किया जाता है। लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। इसलिए मांग उठी है कि DA की समीक्षा हर तीन महीने में की जाए, जिससे कर्मचारियों को महंगाई से समय पर राहत मिल सके।
25 फीसदी DA पर बेसिक वेतन में मर्जर का प्रस्ताव
कई कर्मचारी संगठनों और राष्ट्रीय परिषद (NC-JCM) ने सुझाव दिया है कि जैसे ही महंगाई भत्ता 25 प्रतिशत पहुंचे, उसे मूल वेतन में मिला दिया जाए। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी और इसी बढ़े हुए आधार पर मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) समेत अन्य भत्तों की गणना होगी। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60 प्रतिशत से अधिक चल रहा है।
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फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की भी मांग
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग रखी है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यही कारण है कि फिटमेंट फैक्टर का मुद्दा कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है।
हर 5 साल में मिले वित्तीय लाभ
एक अन्य प्रमुख मांग यह भी है कि कर्मचारियों को मिलने वाली MACP योजना के तहत वित्तीय उन्नयन हर 10 साल के बजाय हर 5 साल में दिया जाए। संगठनों का तर्क है कि इससे कर्मचारियों के करियर में वेतन वृद्धि के अवसर अधिक मिलेंगे और आर्थिक लाभ जल्दी मिलेगा।
अभी नहीं हुआ कोई अंतिम फैसला
फिलहाल ये सभी सुझाव और मांगें कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोग के सामने रखी जा रही हैं। सरकार या वेतन आयोग की ओर से इन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट मई या जून 2027 तक सरकार को सौंप सकता है। हालांकि रिपोर्ट लागू होने की स्थिति में इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है।