31 दिसंबर 2025 के साथ 7वें वेतन आयोग की अवधि पूरी हो चुकी है। नियम के मुताबिक हर वेतन आयोग 10 साल के लिए लागू होता है। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की प्रभावी तारीख मानी जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि नई सैलरी की गणना इसी तारीख से होगी। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि जनवरी की सैलरी में तुरंत बढ़ोतरी दिखने लगेगी। पहले भी ऐसा हुआ है कि वेतन बढ़ोतरी कुछ महीनों बाद मिली, लेकिन एरियर प्रभावी तारीख से दिया गया।
कब मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी
वेतन आयोग की प्रक्रिया लंबी होती है। आयोग गठन, रिपोर्ट तैयार होने और कैबिनेट मंजूरी में समय लगता है। इसी कारण 1 जनवरी 2026 से वेतन आयोग लागू माना जाएगा, लेकिन वास्तविक भुगतान कुछ समय बाद शुरू हो सकता है। अच्छी खबर यह है कि कर्मचारियों को एरियर जरूर मिलेगा। यानी देरी होने पर भी नुकसान नहीं होगा। इसी वजह से कर्मचारी जनवरी 2026 को अहम मान रहे हैं और इसी तारीख से सैलरी बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
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फिटमेंट फैक्टर से तय होगी बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ोतरी पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। चर्चा है कि फिटमेंट फैक्टर 2.15 के आसपास रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो सैलरी में करीब 20 से 35 फीसदी तक की बढ़ोतरी संभव है। यानी बढ़ोतरी जरूर होगी, लेकिन बहुत ज्यादा उछाल नहीं आएगा। अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर को ज्यादा रखती है, तो सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।
लेवल के हिसाब से कितना फायदा
निचले स्तर के कर्मचारियों की मौजूदा 18 हजार रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 38 से 40 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। जिनकी बेसिक 35 हजार रुपये के आसपास है, उनकी सैलरी 70 से 75 हजार रुपये तक जाने का अनुमान है। सीनियर अधिकारियों को इससे ज्यादा फायदा मिलेगा और टॉप लेवल पर सैलरी 3 से 5 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।