देश के करीब 1.19 करोड़ कर्मचारी और पेंशनर्स आज की बैठक पर नजरें टिकाए हुए हैं। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की ड्राफ्टिंग कमेटी आज 13 अप्रैल को बड़ी बैठक कर रही है। इस बैठक में 8वें वेतन आयोग के लिए साझा मेमोरेंडम को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो आगे चलकर सैलरी, पेंशन और भत्तों का आधार बनेगा।
मेमोरेंडम में क्या होगा तय
इस बैठक में रेलवे, रक्षा और अन्य विभागों के कर्मचारी प्रतिनिधि अपनी मांगों को एक मंच पर रखेंगे। इससे पहले 12 मार्च को इन मांगों का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। अब आज उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह मेमोरेंडम तय करेगा कि कर्मचारियों को भविष्य में कितनी सैलरी, पेंशन और सुविधाएं मिलेंगी।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे बड़ी उम्मीद
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, लेकिन अब इसे 3.15 से 3.25 तक करने की मांग हो रही है। अगर सरकार 3.25 को मंजूरी देती है, तो बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है। इसका सीधा असर HRA और दूसरे भत्तों पर भी पड़ेगा।
DA मर्जर से मिल सकता बड़ा फायदा
महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में जोड़ने का मुद्दा भी आज की बैठक में उठ सकता है। अभी DA करीब 58% है और जल्द 60% के पार जा सकता है। अगर इसे बेसिक में मिला दिया जाता है, तो पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य भत्तों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
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नई मांगों पर भी चर्चा संभव
बैठक में कुछ नए प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है, जिन्हें पहले शामिल नहीं किया गया था। कर्मचारी संगठनों ने आयोग से इन अतिरिक्त बिंदुओं पर विचार करने की मांग की है। इससे साफ है कि इस बार बदलाव व्यापक हो सकते हैं।
आगे क्या है प्लान
आज की बैठक के बाद अगली अहम बैठक 24 अप्रैल को देहरादून में होगी। इसके अलावा 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में भी आयोग की मीटिंग तय है, जिसमें विभिन्न पक्षों से बातचीत होगी।
कब से लागू हो सकती हैं सिफारिशें
8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी।
अब फैसले का इंतजार
आज की बैठक से कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत की उम्मीद है। अगर मांगें मान ली जाती हैं, तो करोड़ों लोगों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।