8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में बड़ा अपडेट दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि 3 नवंबर 2025 को गठित 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से आयोग 3 मई 2027 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंप देगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग अपनी कार्यप्रणाली खुद तय करेगा और उसे बीच-बीच में कोई प्रोग्रेस रिपोर्ट देने की बाध्यता नहीं होगी।
1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी सिफारिशें
हालांकि अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक आएगी, लेकिन 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। भारत में हर 10 साल पर नया वेतन आयोग लागू करने की परंपरा रही है। इसी क्रम में 7वें वेतन आयोग के बाद अब 8वां वेतन आयोग लागू होगा। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ पिछली तारीख से मिलेगा।
मिल सकता है 16 से 18 महीने का एरियर
रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उसकी समीक्षा करेगी और मंजूरी देगी। इस प्रक्रिया में कुछ और महीने लग सकते हैं। ऐसे में जनवरी 2026 से नई व्यवस्था लागू होने तक की बढ़ी हुई सैलरी और भत्तों का भुगतान कर्मचारियों को एकमुश्त एरियर के रूप में किया जा सकता है। अनुमान है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को करीब 16 से 18 महीने का एरियर मिल सकता है।
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7वें वेतन आयोग में भी मिला था बकाया
सरकार ने याद दिलाया कि 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था। आयोग ने नवंबर 2015 में रिपोर्ट सौंपी थी और जून 2016 में सरकार ने इसे मंजूरी दी थी। इसके बावजूद कर्मचारियों को इसका लाभ 1 जनवरी 2016 से दिया गया था, जिसके चलते लगभग 7 महीने का एरियर एक साथ मिला था।
अभी किस चरण में है 8वां वेतन आयोग
फिलहाल 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में जुटा है। आयोग देशभर में दौरे कर फीडबैक एकत्र कर रहा है ताकि वास्तविक जरूरतों के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार की जा सकें। यह चरण आयोग की रिपोर्ट तैयार करने का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
अगस्त और सितंबर में होंगी अहम बैठकें
आयोग ने 7 और 8 अगस्त 2026 को दिल्ली में विभिन्न संगठनों के साथ बैठकें तय की हैं। इसके बाद 7-8 सितंबर को चेन्नई और 9 सितंबर को पुडुचेरी में भी बैठकें होंगी। जिन केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने अब तक आयोग से मुलाकात नहीं की है, वे निर्धारित तिथि तक आवेदन कर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।