साल 2025 खत्म होने वाला है और 2026 का इंतजार केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए खास बन गया है। वजह है 8वां वेतन आयोग, जिसे लेकर माना जा रहा है कि 1 जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है। इसी उम्मीद में लाखों कर्मचारी सोच रहे हैं कि नए साल के साथ ही सैलरी बढ़ जाएगी। लेकिन सवाल यही है कि क्या बढ़ा हुआ पैसा तुरंत बैंक खाते में आएगा या फिर इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
लागू होगा, लेकिन पैसा तुरंत नहीं
जानकारों के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग कागजों पर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकता है, लेकिन वास्तविक भुगतान में देरी संभव है। पहले के वेतन आयोगों का इतिहास यही बताता है। 7वां वेतन आयोग जनवरी 2016 से लागू माना गया था, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी जून में मिली और बकाया राशि बाद के महीनों में कर्मचारियों को मिली। यानी नया वेतन ढांचा लागू होना और खाते में पैसा आना, दोनों में अंतर रहता है।
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कितना बढ़ सकता है वेतन
अब सबसे बड़ा सवाल है कि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन शुरुआती अनुमानों के मुताबिक 20 से 35 फीसदी तक वेतन बढ़ सकता है। 6वें वेतन आयोग में करीब 40 फीसदी और 7वें में लगभग 23 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे खासतौर पर एंट्री लेवल कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है।
अंतिम फैसला किन बातों पर निर्भर
एक्सपर्ट्स साफ कह रहे हैं कि ये सभी आंकड़े अभी सिर्फ अनुमान हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें नवंबर 2025 से अगले 18 महीनों में तैयार होंगी। सैलरी बढ़ोतरी का अंतिम फैसला महंगाई, सरकारी खजाने की स्थिति और राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करेगा। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद जरूर रखनी चाहिए, लेकिन यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि 1 जनवरी 2026 को ही बढ़ी हुई सैलरी उनके बैंक अकाउंट में दिखने लगेगी।