अमेरिका ने साल की शुरुआत में भारत समेत कई देशों पर टैरिफ का डंडा चलाया। भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा, जिसमें रूसी तेल खरीद को लेकर 25 फीसदी पेनल्टी भी शामिल है। इससे भारत के इस्पात, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग सेक्टर पर सीधा असर पड़ा। जानकार मानते हैं कि अमेरिका इस बहाने भारत पर अपने बाजार खोलने का दबाव बनाना चाहता था। लेकिन भारत ने विरोध दर्ज कराने के साथ ही एक अलग रास्ता चुना और दूसरे देशों के बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम शुरू कर दिया।
न्यूजीलैंड से ऐतिहासिक फ्री ट्रेड डील
इसी रणनीति के तहत भारत ने न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA को अंतिम रूप दे दिया है। 22 दिसंबर 2025 को दोनों देशों ने इस महत्वाकांक्षी समझौते को फाइनल किया। इसके तहत न्यूजीलैंड के करीब 95 फीसदी निर्यात पर भारत में लगने वाला टैरिफ या तो पूरी तरह खत्म होगा या बेहद कम कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस डील पर बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई थी और सिर्फ 9 महीने में इसे पूरा कर लिया गया। यह समझौता 2026 की शुरुआत में औपचारिक रूप से साइन होने की उम्मीद है।
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डील से किसे कितना फायदा
FTA लागू होते ही ज्यादातर प्रोडक्ट्स पहले ही दिन ड्यूटी-फ्री हो जाएंगे। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का वादा किया है। इससे भारत में रोजगार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा। न्यूजीलैंड के लिए भारत एक बड़ा बाजार है खासकर कृषि उत्पादों के लिए। कीवी फल इसका बड़ा उदाहरण है। अभी भारत की कुल कीवी खपत में न्यूजीलैंड की हिस्सेदारी सिर्फ 5 फीसदी है जबकि FTA के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा ऊन, लकड़ी, ड्राई फ्रूट और डेयरी सेक्टर को भी फायदा होगा।
भारत ने खोले नए रास्ते
भारत के लिए यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश भी है। अमेरिका के टैरिफ से प्रभावित टेक्सटाइल, फार्मा, मशीनरी और ऑटो पार्ट्स जैसे सेक्टर अब न्यूजीलैंड समेत दूसरे देशों के बाजारों में नई संभावनाएं तलाश सकेंगे। साल 2025 में भारत अब तक ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ FTA कर चुका है जबकि EFTA देशों के साथ समझौता लागू हो चुका है। यूरोपीय यूनियन, चिली, कतर और अमेरिका के साथ भी बातचीत जारी है। साफ है कि अमेरिका के दबाव के बीच भारत ने अपने विकल्प बढ़ा लिए हैं और वैश्विक व्यापार में नई चाल चल दी है।