Car Airbag Accident: मुंबई के मीरा रोड इलाके में सेकेंड हैंड कार की जांच के दौरान एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक 25 वर्षीय कार डीलर की उस समय मौत हो गई, जब वह कार की जांच कर रहा था। जांच के दौरान अचानक कार के स्टीयरिंग में लगा एयरबैग खुल गया। एयरबैग का कवर खुलने से उसके गर्दन पर गंभीर चोट लगी और अत्यधिक खून बहने लगा। घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्टीयरिंग व्हील में लगा एयरबैग अचानक से खुल गया
मृतक की पहचान 25 वर्षीय मोहित सुरेश सोनी के रूप में हुई है, जो मीरा रोड स्थित टियारा हिल्स हाउसिंग सोसाइटी में रहता था और पेशे से यूज्ड कार डीलर था। काशीमीरा पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेंद्र कांबले ने बताया कि यह घटना गुरुवार दोपहर काशीमीरा स्थित प्लेजेंट पार्क सोसाइटी के पास हुई। मोहित सोनी सड़क किनारे कार खड़ी करके उसकी तकनीकी जांच और कंडीशन का आकलन कर रहे थे। वह इस कार को खरीदने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान, जब वे कार के अंदर जांच कर रहे थे, तभी स्टीयरिंग व्हील में लगा एयरबैग अचानक से खुल गया। एयरबैग खुलते ही उसका प्लास्टिक कवर बेहद तेज गति से उछला और मोहित की गर्दन के दाहिने हिस्से से जोरदार तरीके से टकराया।
गर्दन पर लगा था गहरा घाव
आपको बता दें कि टक्कर इतनी तेज थी कि मोहित की गर्दन पर गहरा घाव हो गया और भारी मात्रा में खून बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और लहूलुहान हालत में मोहित को भायंदर स्थित पंडित भीमसेन जोशी सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से पहले ही अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी।
आकस्मिक मृत्यु का मामला किया दर्ज
इस हादसे के बाद काशीमीरा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) का मामला दर्ज किया है और सहायक पुलिस निरीक्षक पनमंड मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। मृतक के भाई कुलदीप सोनी ने पुलिस से पूरे मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर बिना किसी एक्सीडेंट या टक्कर के एयरबैग अचानक कैसे खुल गया। इस हादसे के पीछे क्या वजह थी।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद
पुलिस ने बताया कि इस हादसे के पीछे की वजह जानने के लिए ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। साथ ही क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) से भी कार की तकनीकी जांच कराने का अनुरोध किया गया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि क्या कार के एयरबैग सिस्टम या सेंसर में पहले से कोई खराबी थी।
पुलिस कर रही जांच
इसके अलावा, पुलिस कार के पुराने मालिक का भी पता लगा रही है ताकि यह जाना जा सके कि क्या इस कार के एयरबैग सिस्टम में पहली भी कोई गड़बड़ी हुई है। पुलिस हर पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। विशेषज्ञों और आरटीओ की रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह साफ हो पाएगी।