Hijab-Wearing Daughter: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोलापुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा और भावनात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा कि भले ही वह खुद उस दिन को न देखें, लेकिन एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली एक बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
पाकिस्तान से तुलना
ओवैसी ने अपने भाषण में भारत और पाकिस्तान के संवैधानिक ढांचे की तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तान के संविधान में एक खास समुदाय के व्यक्ति के ही राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री बनने की व्यवस्था है, जबकि भारत का संविधान सभी समाजों को समान अवसर देता है। उन्होंने कहा कि यही भारत की ताकत है और यही लोकतंत्र की असली पहचान है, जहां किसी की पहचान कपड़ों से नहीं, अधिकारों से तय होती है।
नफरत की राजनीति पर हमला
अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि नफरत फैलाने वाले खुद खत्म हो जाएंगे। ओवैसी ने कहा कि जब सच्चाई सामने आएगी, तब लोगों को समझ आएगा कि किस तरह समाज के दिल और दिमाग में जहर भरा गया।
यह भी देखेंःBudget Session 2026: 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलेगा संसद का बजट सत्र
सरकार पर सवाल
ओवैसी ने सोलापुर के स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए पेट्रोल की कीमतों और महंगाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल 104 रुपये लीटर बिक रहा है, लेकिन सवाल पूछने वालों को बांग्लादेशी कह दिया जाता है। उनके मुताबिक, शहर में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सत्ताधारी दलों को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
जनता से अपील
भाषण के अंत में ओवैसी ने जनता से अपील की कि वे 15 तारीख को वोट के जरिए सत्ताधारियों को साफ संदेश दें। उन्होंने बीजेपी, शिंदे गुट और अजित पवार पर आरोप लगाया कि वे संविधान नहीं, बल्कि नफरत की राजनीति कर रहे हैं। ओवैसी ने कहा कि ये दल न अल्पसंख्यकों, न दलितों और न ही किसानों के हित में काम कर रहे हैं, जबकि राज्य में किसान आत्महत्या जैसे गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।