Paper Leak Issue: नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार द्वारा अपनाए जा रहे उपायों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल तकनीकी या प्रतीकात्मक कदमों से पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता इस समस्या को जड़ से खत्म करने की नहीं दिखती।
टेलीग्राम बैन और एयरफोर्स के इस्तेमाल पर तंज
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि पहले परीक्षा प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना के विमानों के उपयोग की बात की गई और अब टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे कदम वास्तव में पेपर लीक रोकने में सक्षम होंगे। उनके अनुसार, समस्या की जड़ तक पहुंचे बिना केवल दिखावटी उपायों से कोई स्थायी समाधान नहीं निकलेगा।
पेपर लीक को बताया बड़ा संगठित कारोबार
केजरीवाल ने दावा किया कि पेपर लीक का नेटवर्क बेहद बड़ा है और इसमें भारी आर्थिक लेनदेन शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों तक कार्रवाई नहीं पहुंच रही है। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई नया साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक इस तरह की घटनाएं जारी रह सकती हैं।
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राजनीतिक खरीद-फरोख्त का भी उठाया मुद्दा
अपने बयान में केजरीवाल ने सांसदों और विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दलों में टूट-फूट और नेताओं को साथ लाने के लिए बड़े पैमाने पर धन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि इस तरह के संसाधन कहां से आ रहे हैं और इसकी जांच होनी चाहिए। उनके इन बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
संजय सिंह ने भी सरकार को घेरा
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर सरकार के कदम पर्याप्त नहीं लगते। सिंह ने कहा कि केवल घोषणाओं और प्रतीकात्मक उपायों के बजाय ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना छात्रों की चिंताओं का समाधान संभव नहीं होगा।