क्रिकेट में कुछ बल्लेबाज ऐसे होते हैं जो संभलकर खेलते हैं और कुछ ऐसे जो मैदान पर उतरते ही मुकाबला पलटने का इरादा रखते हैं। अभिषेक शर्मा इसी दूसरी किस्म के खिलाड़ी हैं। उनका तरीका साफ है या तो बड़ा प्रहार या फिर तुरंत वापसी। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में भले ही वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए हों लेकिन उनकी सोच और आत्मविश्वास ने फिर से बहस छेड़ दी है।
पुरानी परंपरा और नया अंदाज
एक समय ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर हावी हो जाते थे। भारत में यह जिम्मेदारी लंबे समय तक वीरेंद्र सहवाग ने निभाई। अब वही भूमिका अभिषेक शर्मा निभाते दिख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि अभिषेक का खेल और भी बेखौफ है। वह क्रीज पर आते ही सोचते हैं कि गेंद को मैदान के बाहर भेजना है।
आलोचना और तारीफ साथ साथ
अभिषेक शर्मा की इस शैली को लेकर राय बंटी हुई है। कुछ लोग इसे लापरवाही मानते हैं तो कुछ इसे निडरता की पहचान कहते हैं। आलोचक कहते हैं कि हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलना जोखिम भरा है। वहीं समर्थकों का मानना है कि यही तरीका गेंदबाजों के मन में डर पैदा करता है और मैच का रुख बदल देता है।
असफलता भी नहीं बदलती सोच
विशाखापट्टनम में खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में आउट हो गए। लेकिन यह पहली बार नहीं है और न ही आखिरी। इस तरह के बल्लेबाजों के करियर में ऐसे पल आते रहते हैं। एक असफलता उनके आत्मविश्वास को नहीं तोड़ती। उनका खेल ही ऐसा है जिसमें जोखिम हमेशा शामिल रहता है।
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इतिहास से मिलती है मिसाल
अगर पीछे देखें तो ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं। वीरेंद्र सहवाग अक्सर ऑफ स्टंप से बाहर की गेंद पर शॉट खेलकर आउट होते थे लेकिन इसी आक्रामक सोच से उन्होंने ढेरों रन बनाए। इसी तरह दूसरे महान बल्लेबाजों ने भी जोखिम लेकर ही पहचान बनाई। अभिषेक शर्मा उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत को मिला नया खतरनाक सलामी बल्लेबाज
यह कहना गलत नहीं होगा कि अभिषेक शर्मा भारत को एक नया आक्रामक सलामी बल्लेबाज दे रहे हैं। उनका खेल या तो शून्य पर खत्म होता है या फिर बड़ा स्कोर बनता है। पहली गेंद पर आउट होना उनके लिए कमजोरी नहीं बल्कि उनकी शैली का हिस्सा है। साफ है कि भारत को सहवाग के बाद एक और बेखौफ सलामी बल्लेबाज मिल चुका है।