Putin on his India visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन की भारत यात्रा पर आज शाम नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इस दौरे में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दो महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनमें रक्षा, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। पहली बैठक में पुतिन अपने चुनिंदा करीबी मंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे, जबकि दूसरी बैठक में दोनों देशों के विस्तृत प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। इसी दौरान कई अहम समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके अलावा, दोनों नेता इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम में भी शामिल होंगे।
रूसी प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल
पुतिन के साथ इस बार मजबूत और प्रभावशाली टीम भारत आ रही है। उनके साथ रूस के रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री, वित्त मंत्री और आर्थिक विकास मंत्री भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। पुतिन के मीडिया सलाहकार दिमित्री पेसकोव के अलावा रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी तथा रशियन सेंट्रल बैंक की गवर्नर भी दौरे में शामिल हो रहे हैं। रूस के नए रक्षा मंत्री बेलौसोव, जिन्हें पुतिन के बेहद करीबी माना जाता है, भी इस यात्रा में साथ आएंगे। अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता रखने वाले बेलौसोव पहले उपप्रधानमंत्री और पुतिन के आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं।
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क्या है पुतिन का 'सिलोविकी' सर्किल
पुतिन के खास और विश्वासपात्र समूह को रूस में ‘सिलोविकी’ कहा जाता है। यह उन चुनिंदा लोगों का दायरा है जो राष्ट्रपति के सुरक्षा, रणनीति और अहम निर्णयों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसमें रूस की सुरक्षा परिषद के प्रमुख निकोलाई पेत्रुशेव, विदेशी खुफिया एजेंसी के प्रमुख सर्गेई नारिश्किन, सैन्य खुफिया तंत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी सर्गेई शोइगु, सेना के जनरल वालेरी गेरासिमोव और राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख एंटोन वैनो शामिल हैं। पुतिन के सबसे पुराने और विश्वसनीय सहयोगियों में से एक यूरी कोवलचुक भी इस समूह का हिस्सा माने जाते हैं, जिनके पास कोई सरकारी पद नहीं होने के बावजूद वे पुतिन के सबसे प्रभावशाली सलाहकारों में गिने जाते हैं।