
Acid attack on Delhi student: दिल्ली में कथित एसिड अटैक का मामला पूरी तरह फर्जी साबित हुआ है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि छात्रा ने आपसी विवाद के चलते खुद यह कहानी गढ़ी थी। शुरुआत में छात्रा ने दावा किया था कि तीन युवकों ने उस पर एसिड जैसा पदार्थ फेंका, जिससे उसके हाथ जल गए। लेकिन जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो पता चला कि घटना के समय बताए गए आरोपी दिल्ली में थे ही नहीं। पुलिस को शक तब हुआ जब पीड़िता ने हमलावरों, बाइक के नंबर, बोतल के विवरण और पूरी घटना के बारे में असामान्य रूप से विस्तृत जानकारी दी — जो आमतौर पर वास्तविक पीड़ित नहीं दे पाते।
घटना के समय आरोपी थे शहर से बाहर
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी जितेंद्र उस वक्त करोल बाग में था और उसकी बाइक भी वहीं थी। जबकि बाकी दो आरोपी ईशान और अरमान आगरा में मौजूद थे। छात्रा ने आरोप लगाया था कि जितेंद्र और उसके साथियों ने उस पर एसिड फेंका क्योंकि वह उससे झगड़ चुकी थी। लेकिन जांच के दौरान सभी के लोकेशन डेटा और गवाहों के बयान ने छात्रा का दावा झूठा साबित कर दिया। वहीं, घटना के बाद से छात्रा का भाई भी गायब है, जिससे पुलिस को शक और गहरा गया।
यह भी देखेंःSIR दूसरा चरण आज रात से शुरू, मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए दस्तावेज की नहीं होगी जरूरत
छात्रा के पिता पर छेड़छाड़ का केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जितेंद्र की पत्नी ने घटना से दो दिन पहले ही छात्रा के पिता अकील पर छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि वह अकील की फैक्ट्री में काम करती थी, जहां उसका यौन शोषण किया गया और आपत्तिजनक वीडियो बनाए गए। इस मामले में अकील फरार है। इसके अलावा, ईशान और अरमान की मां शबनम ने भी अकील के परिवार पर प्रॉपर्टी विवाद का केस दर्ज कराया हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तहकीकात कर रही है और यह पता लगा रही है कि छात्रा ने झूठी कहानी गढ़ने के पीछे असली वजह क्या थी।