Babri Masjid: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के निलंबित विधायक द्वारा बाबरी जैसे ढांचे की घोषणा के बाद अब हैदराबाद में भी बाबरी मस्जिद मेमोरियल बनाने की बात सामने आई है। तहरीक मुस्लिम शब्बान के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने 6 दिसंबर को बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी पर आयोजित सभा में कहा कि ग्रेटर हैदराबाद में एक स्मारक बनाया जाएगा, जिसमें वेलफेयर सुविधाएँ भी शामिल होंगी। मलिक ने कहा कि इस योजना पर जल्द विस्तृत घोषणा की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह फैसला एक पब्लिक मीटिंग में लिया गया, जहाँ बाबरी मस्जिद की याद को संरक्षित करने और समाजहित से जुड़े कार्यों को जोड़ने पर सहमति बनी।
बाबर के नाम से दिक्कत क्यों
मुश्ताक मलिक ने बाबर के नाम पर होने वाली राजनीतिक बयानबाज़ी को प्रचार आधारित बहस बताया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड में कहीं भी यह प्रमाण नहीं है कि बाबर ने अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए कोई राजस्व भेजा था। उनके अनुसार मुगल काल में कई धार्मिक समुदाय आपसी सहयोग के साथ रहते थे, इसलिए आज बाबर के नाम को लेकर नकारात्मकता फैलाना गलत है। मलिक ने कहा कि यह विवाद सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए है, जिससे लोगों के बीच नफरत फैलाई जा रही है और सदियों पुरानी सामाजिक एकता को नुकसान पहुँच रहा है।
राजनीतिक विवाद का नया दौर
हैदराबाद में यह घोषणा ऐसे समय की गई है जब बंगाल में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसे ढांचे का शिलान्यास किया था। इस घटना की बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने तीखी आलोचना की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों राज्यों में यह घटनाक्रम आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए बड़े राजनीतिक संदेश भेज रहा है। वहीं, मुस्लिम संगठनों द्वारा स्मारक निर्माण की पहल ने बाबरी विवाद को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।