Government Jobs Age Relaxation: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए कई राज्यों से राहत भरी खबर आई है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, केरल और तेलंगाना जैसे राज्यों ने सरकारी भर्तियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। तो आइए जानते हैं कि किस राज्य में क्या बदलाव किए हैं और युवाओं को इसका क्या फायदा होगा।
किन राज्यों में कितनी बढ़ी उम्र सीमा
आंध्र प्रदेश- आंध्र प्रदेश सरकार ने नॉन यूनिफॉर्म सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा 34 से बढ़ाकर 44 साल कर दी है। यह छूट 30 सितंबर 2027 तक लागू रहेगी। वहीं, वर्दीधारी पदों में 2 साल की अतिरिक्त छूट दी गई है।
पश्चिम बंगाल- पश्चिम बंगाल ने मई 2026 में कई सरकारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाई. नए नियमों के अनुसार ग्रुप-A के लिए अधिकतम उम्र 41 साल, ग्रुप-B के लिए 44 साल और ग्रुप-C व D पदों के लिए 45 साल तय की है।
केरल- केरल लोक सेवा आयोग ने जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 36 साल से बढ़ाकर 40 साल कर दी है।
तेलंगाना- राज्य ने कुछ सीधी भर्तियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 46 साल तक कर दी है। हालांकि कुछ वर्दीधारी सेवाएं इसमें शामिल नहीं हैं। इन राज्यों में लागू नियम भर्ती एजेंसी, पद और कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ मामलों में यह छूट अस्थायी भी है।
क्यों जरूरी है यह कदम
सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया काफी लंबी होती है। कई एग्जाम में प्री, मेन्स, इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन जैसी कई सिलेक्शन प्रोसेस होती हैं। अगर उम्मीदवार किसी प्रयास में सफल नहीं हो पाता, तो उसे अगली भर्ती का इंतजार करना पड़ता है। कई बार भर्तियां समय पर नहीं निकलती या कई सालों के अंतराल पर आती है। तो कई बार सीटें कम होने से उम्मीदवार बार-बार रह जाते हैं। ऐसे में बढ़ी हुई आयु सीमा उन्हें एक और मौका देने का काम करती है।
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कैंडिडेट्स को क्या फायदा मिलेगा
इसका फायदा उन उम्मीदवारों को मिलेगा जो सिर्फ उम्र निकल जाने के कारण बाहर हो गए थे, वे अपनी शैक्षणिक योग्यता के दम पर फिर से परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा नियमित भर्तियां न आने से जिन युवाओं का समय खराब हुआ था, वे अब आवेदन कर सकेंगे।
क्या बढ़ जाएगा कॉम्पटीशन
एक्सपर्ट्स का मानना है कि परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या तो काफी बढ़ जाएगी, लेकिन सरकारी पदों की संख्या उतनी ही रहेगी। इससे अवसर जरूर बढ़ेंगे, लेकिन एक-एक सीट के लिए मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कड़ा हो जाएगा।