
आगरा में लगातार तीन दिन से बढ़ते तापमान के बीच शनिवार देर रात हुई झमाझम बारिश से मौसम ने करवट ले ली। रविवार तड़के तक हुई बारिश से पारा करीब पांच डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीच यमुना नदी का जलस्तर 496.1 फीट तक पहुंच गया, जो कि खतरे के निशान से 1.1 फीट ऊपर है। वहीं नदी का पानी ताजमहल के पीछे बने पार्क में भी घुस गया है।
रविवार के दिन का अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.9 डिग्री दर्ज किया गया था। रविवार को शहर में 21.3 मिमी बारिश हुई, जिससे पूरा दिन मौसम सुहाना रहा। छुट्टी होने के कारण ताजमहल, आगरा किला, सिकंदरा और फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण सितंबर की शुरुआत में मानसूनी गतिविधियां तेज रहेंगी और दो सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।
यमुना का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण
पहाड़ों पर बारिश जारी रहने से यमुना में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार को दिल्ली के ओखला बैराज से 55 हजार क्यूसेक और गोकुल बैराज से 97,362 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। निचले इलाकों में इसका असर दिखने लगा है।
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ताजमहल तक पहुंचा पानी, निगम सतर्क
यमुना का पानी ताजमहल के पीछे बने पार्क तक पहुंच चुका है। यदि जलस्तर और बढ़ा तो यह ऐतिहासिक धरोहर की पिछली दीवार को भी छू सकता है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने घाटों के आसपास कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है और नालों के बैकफ्लो को रोकने के लिए मशीनें तैयार रखी गई हैं।
बारिश से जाम, हाईवे पर फंसे वाहन
रविवार को बारिश के बाद शहर में जगह-जगह पानी भर गया। हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल कट से लेकर सिकंदरा तक लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रही। रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पानी भर जाने से दोपहर बाद से यातायात बाधित रहा। वाहनों की लंबी कतार लग गई और पुलिसकर्मी रुक-रुककर ट्रैफिक को निकालते रहे। करीब एक घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
बारिश ने जहां आगरा में मौसम को राहतभरा बना दिया है, वहीं यमुना के बढ़ते जलस्तर और जाम की समस्या लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है।