भारत आने वाले वर्षों में डिजिटल क्रांति के एक नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर्स देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले बड़े ग्रोथ इंजन साबित होंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक दशक में AI इंफ्रास्ट्रक्चर भारत के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा भारत
पुणे में जाबिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की नई मैन्युफैक्चरिंग सुविधा के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि देश में दो सेमीकंडक्टर प्लांट्स में व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि तीसरे प्लांट का उद्घाटन जुलाई में और चौथे प्लांट के पूरी तरह चालू होने की उम्मीद दिसंबर तक है।
मेक इन इंडिया को मिलेगा नया विस्तार
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दुनिया भर में AI डेटा सेंटर्स तेजी से विकसित हो रहे हैं और भारत के लिए यह जरूरी है कि इनके लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का निर्माण देश में ही हो। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' विजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। जाबिल इंडिया के नए प्लांट में डेटा सेंटर से जुड़े उपकरणों का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसे उन्होंने आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीक से लैस सुविधा बताया।
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अगले 5 से 10 साल होंगे AI इंफ्रास्ट्रक्चर के
केंद्रीय मंत्री के अनुसार आने वाले वर्षों में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत AI वर्कलोड को संभालने के लिए कंप्यूटिंग क्षमता, बिजली आपूर्ति और कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर हाइपरस्केलर और क्लाउड कंपनियों के लिए बड़े स्तर पर डेटा सेंटर स्थापित करने का माहौल तैयार कर रही हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर बना रोजगार और निर्यात की ताकत
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की विदेश नीति और बढ़ती वैश्विक विश्वसनीयता के कारण देश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बन रहा है। वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग भारत की तीसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन चुकी है और इस क्षेत्र से करीब 12 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। AI डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में तेजी आने से आने वाले समय में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद है।