दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में कई देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
संबित पात्रा का गंभीर आरोप
भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी। उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारी बारकोड के जरिए कार्यक्रम स्थल में दाखिल हुए और उन्होंने जानबूझकर विरोध की योजना बनाई थी। पात्रा ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम की योजना कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में बनाई गई।
कांग्रेस पर कड़े शब्दों में हमला
संबित पात्रा ने कहा कि यह किसी स्थानीय स्तर का विरोध नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित कदम था। उन्होंने कांग्रेस पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसे प्रदर्शन से भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। भाजपा नेताओं ने इसे देश के खिलाफ कदम बताया।
ये भी पढ़ें : बिना माता-पिता को बताए नहीं होगी शादी? Gujarat के नए प्रस्ताव ने प्रेमी जोड़ों की बढ़ाई चिंता
पीयूष गोयल और राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब देश आगे बढ़ता है तो कुछ लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और ऐसे आयोजनों में बाधा डालना सही नहीं है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया भारत की प्रगति देख रही थी, तब इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि प्रभावित होती है।
सीएम योगी और शिवराज का बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 100 से अधिक देशों की मौजूदगी में ऐसा प्रदर्शन देश को बदनाम करने की कोशिश है। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सिर्फ विरोध नहीं था, बल्कि देश की गरिमा के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगते हुए कहा कि राजनीति देश की प्रतिष्ठा से ऊपर नहीं हो सकती।
सियासत तेज, कांग्रेस का पक्ष
इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। जहां भाजपा इसे देश की छवि से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध करना उनका अधिकार है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में हैं।