Independence Day 2026 PM Modi Plan: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में युवा शक्ति को विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भविष्य की तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर दिया। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एक करोड़ यूथ को AI ट्रेनिंग कैसे मिलेगी और पीएम मोदी का प्लान क्या है?
1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग
सरकार ने अगले एक साल के अंदर देश के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य तय किया है। पीएम ने कहा इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं को वैश्विक स्तर पर नई तकनीक में आगे बढ़ाना और नेतृत्व के योग्य बनाना है। हालांकि सरकार ने अभी इस ट्रेनिंग की पूरी प्रक्रिया, प्लेटफॉर्म, बैच या आवेदन की पूरी जानकारी नहीं बताई है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्किल ट्रेनिंग के साथ-साथ पीएम मोदी ने कोचिंग को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर कोचिंग क्लास का खर्च आर्थिक बोझ बन गया है। इसी परेशानी को देखते हुए सरकार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था शुरू करने जा रही है।
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शुरुआती उम्र से टेक्नोलॉजी पर जोर
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को कम उम्र से ही टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जोड़ने के लिए भी काम किया जा रहा है। इसके लिए देशभर में 10 हजार से अधिक अटल टिकरिंग लैब स्थापित की गई है। इसके साथ ही भारत में 2.5 लाख से अधिक रजिस्टर्ड स्टार्टअप काम कर रहे है।
शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र में विस्तार
पीएम मोदी ने बताया कि देश में उच्च शिक्षा और मेडिकल सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में 350 से कम यूनिवर्सिटी थीं, जो अब बढ़कर लगभग 1,000 हो गई है। आगे उन्होंने बताया कि 2014 से पहले लगभग 400 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर करीब 850 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी यूनिवर्सिटी भारत आ रही हैं और ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे युवा देश में रहकर विदेशी यूनिवर्सिटी की डिग्री हासिल कर सकें.