एयर इंडिया के नए सीईओ को लेकर फैसला अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। टाटा समूह की इस एयरलाइन के लिए चार नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं, जिनमें दो भारतीय और दो विदेशी उम्मीदवार शामिल हैं। प्रमुख दावेदारों में एयर इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर निपुण अग्रवाल और विस्तारा के पूर्व सीईओ विनोद कण्णन का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। यह चयन ऐसे समय में हो रहा है जब कंपनी अपने बदलाव के दौर से गुजर रही है।
अचानक इस्तीफे के बाद बढ़ी हलचल
मौजूदा सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नए नेतृत्व की तलाश तेज हो गई। उनके जाने के बाद कंपनी के संचालन और भविष्य की रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि 7 मई को होने वाली बोर्ड बैठक में उनके उत्तराधिकारी के नाम पर मुहर लग सकती है।
दो भारतीय नाम मजबूत दावेदार
इस रेस में निपुण अग्रवाल और विनोद कण्णन को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अग्रवाल लंबे समय से टाटा समूह से जुड़े रहे हैं और एयर इंडिया के बदलाव में उनकी अहम भूमिका रही है। वहीं विनोद कण्णन को अंतरराष्ट्रीय अनुभव का फायदा मिल सकता है, क्योंकि वह सिंगापुर एयरलाइंस में वरिष्ठ पद पर काम कर चुके हैं। दोनों की प्रोफाइल कंपनी के मौजूदा हालात के हिसाब से अहम मानी जा रही है।
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घाटे ने बढ़ाई चिंता
एयर इंडिया इस समय भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी का घाटा करीब 24000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। टाटा समूह ने 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण करने के बाद इसमें बड़े निवेश किए हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित सुधार नहीं दिख पाया है। इस स्थिति ने कंपनी के प्रमोटर्स की चिंता बढ़ा दी है और नए सीईओ पर बड़ी जिम्मेदारी डाल दी है।
साझेदारों की छवि पर असर
एयर इंडिया में टाटा समूह के साथ सिंगापुर एयरलाइंस की भी हिस्सेदारी है। लगातार घाटे और संचालन में देरी का असर सिंगापुर एयरलाइंस की छवि पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि दोनों प्रमोटर अब जल्द से जल्द एक मजबूत नेतृत्व चाहते हैं, जो कंपनी को स्थिरता और दिशा दे सके।
बार-बार बदल रहा नेतृत्व
पिछले पांच वर्षों में यह तीसरा मौका है जब एयर इंडिया को नया सीईओ तलाशना पड़ रहा है। इससे कंपनी के दीर्घकालिक प्लान पर असर पड़ा है। नए सीईओ के सामने सबसे बड़ी चुनौती कंपनी को घाटे से निकालकर प्रतिस्पर्धा में आगे लाना और ऑपरेशनल सुधार को तेज करना होगी।