टाटा समूह की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने पिछले तीन वर्षों में 1000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई नैतिकता संबंधी नियमों के उल्लंघन और कंपनी के आचार संहिता को तोड़ने के आरोपों के बाद की गई। एयर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने हाल ही में कर्मचारियों के साथ हुई टाउनहॉल बैठक में इस बड़े फैसले की जानकारी दी। कंपनी का कहना है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब बिल्कुल भी नरमी नहीं बरती जाएगी।
गंभीर आरोपों का खुलासा
बर्खास्त किए गए कर्मचारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें विमान से सामान की तस्करी करना यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के ज्यादा सामान ले जाने की अनुमति देना और कर्मचारी यात्रा सुविधा का गलत इस्तेमाल करना शामिल है। कंपनी के मुताबिक कुछ कर्मचारी लंबे समय से नियमों का उल्लंघन कर रहे थे जिससे एयर इंडिया की छवि और वित्तीय स्थिति दोनों प्रभावित हो रही थीं। जांच के बाद कई मामलों में सीधे नौकरी समाप्त करने का फैसला लिया गया।
भारी घाटे का दबाव
एयर इंडिया इस समय बड़े आर्थिक दबाव से गुजर रही है। कारोबारी साल 2026 में एयर इंडिया समूह को 22000 करोड़ रुपये से ज्यादा के घाटे का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल के दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं। बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के बीच कंपनी खर्च कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी कारण कई गैर जरूरी खर्चों पर रोक लगाने के साथ कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी को भी रोका गया है।
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यात्रा सुविधा बना मुसीबत
कंपनी के एम्प्लाई लीजर ट्रैवल सिस्टम के दुरुपयोग का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। एयर इंडिया ने इस मामले में 4000 से ज्यादा कर्मचारियों की जांच की। जांच में कई कर्मचारी दोषी पाए गए जिन पर जुर्माना लगाया गया जबकि कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों को दी गई सुविधाओं का इस्तेमाल केवल नियमों के अनुसार होना चाहिए और किसी भी तरह की गड़बड़ी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीईओ का कड़ा संदेश
कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों से साफ कहा कि सही आचरण केवल निगरानी के डर से नहीं बल्कि जिम्मेदारी के भाव से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी टाटा समूह की आचार संहिता पर हस्ताक्षर करते हैं लेकिन कई लोग उसका पालन नहीं करते। कंपनी अब ऐसी लापरवाही और अनियमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। एयर इंडिया आने वाले समय में अपनी कार्यप्रणाली को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है।
भविष्य की बड़ी चुनौती
मौजूदा समय में एयर इंडिया में करीब 24000 कर्मचारी काम कर रहे हैं। कंपनी एक तरफ अपने विस्तार और सेवा सुधार पर ध्यान दे रही है तो दूसरी तरफ वित्तीय नुकसान और अनुशासनहीनता से भी जूझ रही है। ऐसे में एयर इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसा बनाए रखने और संचालन को मजबूत करने की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कंपनी नियमों के पालन को लेकर और ज्यादा कड़े कदम उठा सकती है।