नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब आम यात्रियों के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अगले महीने यहां से कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत होने जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक 15 जून को पहली कमर्शियल फ्लाइट उड़ान भरेगी। इसके साथ ही नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को एक नया बड़ा एयर ट्रैवल विकल्प मिलने जा रहा है। इस एयरपोर्ट को दिल्ली एनसीआर के लिए भविष्य का बड़ा एविएशन हब माना जा रहा है।
अकासा एयर की एंट्री
इंडिगो के बाद अब अकासा एयर ने भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपनी सेवाएं शुरू करने का ऐलान कर दिया है। कंपनी 16 जून से यहां से पहली फ्लाइट ऑपरेट करेगी। अकासा एयर ने जानकारी दी है कि शुरुआत में वह बेंगलुरू और नवी मुंबई के लिए रोजाना डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू करेगी। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा।
मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद से लगातार यहां उड़ानों की तैयारियां चल रही थीं। एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं और बड़े विस्तार को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। अकासा एयर ने यह भी बताया है कि एयरपोर्ट परिसर में उसका एमआरओ सेंटर भी होगा जहां विमानों की मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाएगा। इससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पहली उड़ान का रूट
जानकारी के मुताबिक इंडिगो 15 जून को सबसे पहले लखनऊ और बेंगलुरू के लिए अपनी सेवाएं शुरू करेगी। नोएडा एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली फ्लाइट लखनऊ से आएगी जबकि यहां से उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट बेंगलुरू जाएगी। इसके बाद अकासा एयर मुंबई और बेंगलुरू के लिए अपनी सेवाएं शुरू करेगी। इससे नोएडा सीधे देश के बड़े कारोबारी और आईटी शहरों से जुड़ जाएगा।
आगे और बढ़ेगा नेटवर्क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आने वाले समय में कई दूसरे शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होने वाली हैं। इंडिगो की योजना है कि यहां से हैदराबाद अमृतसर चंडीगढ़ धर्मशाला जयपुर पंतनगर श्रीनगर और नवी मुंबई के लिए भी डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू की जाए। एयर इंडिया भी जल्द अपने ऑपरेशन प्लान का ऐलान कर सकती है। इससे यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
भविष्य का बड़ा हब
फिलहाल एयरपोर्ट पर एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल तैयार किया गया है जिसकी सालाना क्षमता करीब 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की बताई जा रही है। इस एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन केंद्रों में शामिल हो सकता है और इससे नोएडा समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।