टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार खिताब जीत लिया। इस जीत के बाद खिलाड़ियों और कोच की खूब चर्चा हो रही है, लेकिन इस सफलता के पीछे एक और अहम नाम है। यह नाम है टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का। वह मैदान पर नहीं थे, लेकिन उनके फैसलों ने टीम की दिशा बदल दी। अगरकर ने कई ऐसे फैसले लिए जिन्हें शुरुआत में आलोचना भी झेलनी पड़ी, लेकिन अंत में वही फैसले टीम के लिए फायदेमंद साबित हुए।
कब से संभाली चयन समिति की जिम्मेदारी
अजीत अगरकर ने 4 जुलाई 2023 को भारतीय टीम की चयन समिति की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने सीमित ओवर के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। उनके समय में भारत ने तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट अपने नाम किए। साल 2024 में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता। इसके बाद मार्च 2025 में न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। और अब 2026 में फिर न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने एक बार फिर टी20 वर्ल्ड कप जीत लिया।
कप्तानी को लेकर लिया बड़ा फैसला
अगरकर के सबसे चर्चित फैसलों में सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम की कप्तानी देना शामिल है। उस समय कई लोग मानते थे कि कप्तानी हार्दिक पांड्या को मिलनी चाहिए थी। लेकिन चयन समिति ने सूर्यकुमार यादव पर भरोसा जताया। यह फैसला सही साबित हुआ और सूर्या की कप्तानी में टीम इंडिया चैंपियन बन गई। इसी तरह एक और बड़ा फैसला रोहित शर्मा को वनडे टीम की कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को जिम्मेदारी देना भी रहा, जिस पर काफी चर्चा हुई थी।
इसे भी पढ़ें : टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले टूटा Ishan Kishan पर दुखों का पहाड़, बहन की मौत के बावजूद खेली 54 रन की पारी, सामने आई भावुक कहानी
ईशान किशन का चयन भी साबित हुआ अहम
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ईशान किशन का चयन भी अजीत अगरकर का अहम फैसला माना जा रहा है। इस फैसले पर भी कई सवाल उठे थे, लेकिन ईशान ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करके खुद को साबित किया। इसके अलावा अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया 2023 के वर्ल्ड कप फाइनल तक भी पहुंची थी। हालांकि उस मुकाबले में भारत को हार मिली, लेकिन इसके बावजूद उनकी रणनीति और चयन नीति ने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी। यही वजह है कि आज टीम इंडिया की इस सफलता में अजीत अगरकर के योगदान की भी खूब चर्चा हो रही है।