Akhilesh Attacks Yogi Government: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने जातीय जनगणना, पिछड़े और वंचित वर्गों को सम्मान, महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता तथा प्रदेश की विकास परियोजनाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। अखिलेश ने खंगार समाज के राजा महाराजा खेतसिंह खंगार जूदेव के सम्मान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सत्ता में आने पर उनकी प्रतिमा राजधानी में प्रमुख स्थान पर स्थापित कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार बनने पर तीन महीने के भीतर जातीय जनगणना कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
खंगार समाज को सम्मान देने का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि खंगार और अर्कवंशी समाज लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मान की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि गोमती नदी के किनारे महाराजा खेतसिंह खंगार की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि पहले लगाई गई प्रतिमा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। अखिलेश ने कहा कि सत्ता में आने पर इन समुदायों को राजनीतिक और सामाजिक रूप से उचित भागीदारी देने की दिशा में काम किया जाएगा।
महिलाओं के लिए आर्थिक मदद का ऐलान
सपा प्रमुख ने महिलाओं के लिए भी बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कन्या विद्या धन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने की बात कही। अखिलेश ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद खंगार समाज समेत कई वंचित वर्गों को अपेक्षित अवसर और सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर इन वर्गों के लिए योजनाओं और प्रतिनिधित्व पर विशेष ध्यान देगी।
भाजपाई JPNIC जैसी अद्भुत सिग्नेचर बिल्डिंग को सिर्फ़ बेच सकते हैं, उतना बड़ा कभी सोच नहीं सकते हैं क्योंकि भ्रष्टाचार ने उनकी सोच को संकीर्ण, कुंठित और संकुचित कर दिया है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 30, 2026
भाजपा जाएगी, बड़ी सोच आएगी! pic.twitter.com/jpYrKOGGqs
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एक्सप्रेसवे और कानून व्यवस्था पर सवाल
अखिलेश ने प्रदेश की सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे समेत अन्य परियोजनाओं का जिक्र करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब तकनीक और विशेषज्ञता की इतनी चर्चा होती है तो सड़क परियोजनाओं में बार-बार खामियां क्यों सामने आती हैं। कानून व्यवस्था को लेकर उन्होंने पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों के अपराधी उत्तर प्रदेश में वारदात कर रहे हैं।
स्कूल, मंदिर और आरएसएस के बयान पर भी निशाना
अखिलेश यादव ने प्रदेश में बंद किए गए स्कूलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सत्ता में आने पर 26 हजार स्कूलों को फिर से खोला जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इन स्कूलों में वंचित और पिछड़े वर्गों के बच्चों की बड़ी संख्या पढ़ती है। राम मंदिर में कथित दान चोरी के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला और कहा कि धार्मिक स्थलों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने जेपीएनआईसी को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका में हिंदू-मुस्लिम एकता संबंधी संदेश पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि विदेश में एकता की बात करने के बजाय देश के भीतर भी सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।