उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया जैसे-जैसे फाइनल राउंड में पहुंच रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक हलचल तेज होती जा रही है. इस बीच अखिलेश यादव की रणनीतिक चाल ने पूरे सियासी माहौल में खलबली मचा दी है. सिर्फ कुछ दिन बचे हैं और इस आखिरी मोड़ पर अखिलेश ने 44 नेताओं को जिले-जिले में भेजकर बूथ-वार निगरानी की शुरुआत कर दी है. गुरुवार को उन्होंने खुद SIR फॉर्म भरकर संकेत दे दिया कि सपा अब पीछे हटने वाली नहीं, और अगले ही दिन नेतृत्व बाँटकर पूरे यूपी को एक्टिव मोड में ला दिया.
शिवपाल से लेकर हरेंद्र मलिक तक
सपा ने जिन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है, वे उन जिलों में भेजे गए हैं जहां वोटबैंक प्रभावित होने की सबसे ज्यादा शिकायतें थीं. शिवपाल यादव को इटावा-बदायूं, अवधेश प्रसाद को अयोध्या, इन्द्रजीत सरोज को प्रयागराज-कौशांबी और विशम्भर निषाद को बांदा-फतेहपुर की कमान दी गई है. इसके अलावा मुरादाबाद-संभल में कमाल अख्तर और लखनऊ में मधु गुप्ता व अभिषेक मिश्रा को ज़िम्मेदारी मिली है. वेस्ट यूपी में हरेंद्र मलिक मोर्चा संभाल रहे हैं. जानकारों के मुताबिक, ये तैनाती किसी साधारण राजनीतिक कवायद का हिस्सा नहीं, बल्कि 2027 की चुनावी जंग की शुरुआती तैयारी है.
इकरा हसन एक्टिव, डिंपल भी मॉनिटरिंग में जुटीं
दूसरी ओर, सपा की महिला नेतृत्व भी पूरी सक्रियता दिखा रहा है. डिंपल यादव पहले ही SIR प्रक्रिया बढ़ाने की मांग कर चुकी हैं, जबकि वेस्ट यूपी की सांसद इकरा हसन लगातार मीटिंगों में जुटी हुई हैं. उनके निर्देश पर बूथ-वार मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है. मऊ और बलिया की रिपोर्ट संभाल रहे राजीव राय ने दावा किया कि 20 हजार से ज्यादा नाम बिना बूथ नंबर के हटाए गए हैं. सपा इसे अब एक चुनावी मुद्दे के रूप में मजबूत तरीके से पेश कर रही है और इसके जरिए सत्ता पक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति दिख रही है.
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SIR की समयसीमा नजदीक, सपा तैयार
SIR की अंतिम तारीख 4 दिसंबर है, लेकिन उसके बाद आपत्ति और संशोधन का मौका भी रहेगा. यही वजह है कि समाजवादी पार्टी अब युद्धस्तर पर काम कर रही है. सभी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं BLA सूची चेक करें, बूथ प्रभारियों से लगातार मुलाकात करें और हर फॉर्म-6 व फॉर्म-7 का रियल-टाइम रिकॉर्ड तैयार करें. यानी सपा सिर्फ आरोप नहीं लगा रही, बल्कि जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी है. सवाल ये है कि अखिलेश की ये चाल 2027 में कितना असर दिखाएगी. लेकिन फिलहाल इतना तय है कि सपा ने SIR को चुनावी जमीन का पहला राउंड बना दिया है.