समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कन्नौज दौरे के दौरान बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी हद तक जा सकती है और राजनीति में गिरा हुआ काम करने से भी पीछे नहीं हटती। उनके बयान ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है।
शंकराचार्य और केजरीवाल का जिक्र
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य को फंसाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। वहीं अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाकर सरकार छीनी गई। अब अदालत ने उन्हें राहत दी है, जिससे साफ हो गया कि मामला क्या था।
युवाओं और छात्रों का मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। लखनऊ यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए बोले कि वहां छात्रों के बीच धार्मिक तनाव फैलाया जा रहा है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि युवाओं को सिर्फ दिखावा सिखाया गया है, लेकिन रोजगार और भविष्य की कोई ठोस योजना नहीं है।
किसानों की हालत पर चिंता
कन्नौज में आलू किसानों की स्थिति पर भी अखिलेश यादव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसानों को एमएसपी का पूरा फायदा नहीं मिल रहा। फसल की लागत बढ़ रही है, लेकिन उचित दाम नहीं मिल रहे। उनके मुताबिक किसान लगातार आर्थिक दबाव में हैं और सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही।
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर तंज
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि एक नेता पूरब की यात्रा कर रहा है तो दूसरा पश्चिम की। उन्होंने कहा कि जब सरकार का समय खत्म होने वाला है, तब विदेशी दौरों की चर्चा हो रही है। साथ ही कहा कि विकास के बड़े वादे अभी तक जमीन पर पूरे नहीं हुए।
एसआईआर और पंचायत चुनाव का जिक्र
एसआईआर को लेकर उन्होंने कहा कि कागजों के मामले में आम लोग परेशान हैं। उनके मुताबिक सिर्फ एक वर्ग नहीं, बल्कि कई लोग दस्तावेज ढूंढने में परेशान हो रहे हैं। पंचायत चुनाव समय पर न होने को भी उन्होंने गलत बताया और कहा कि इससे स्थानीय प्रतिनिधियों की मेहनत पर असर पड़ता है।