28 फरवरी 2026 का दिन भारतीय घरेलू क्रिकेट के लिए खास बन गया। जम्मू कश्मीर की टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर नया इतिहास रच दिया। कई दशकों से यह टीम कोशिश कर रही थी, लेकिन इस बार मेहनत रंग लाई। पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है और खिलाड़ियों की तारीफ हर तरफ हो रही है।
फाइनल में पूरी तरह दबदबा
कर्नाटक के खिलाफ पांच दिन चले मुकाबले में जम्मू कश्मीर ने शुरुआत से बढ़त बनाई रखी। पहली पारी में टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया और 291 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। आखिरी दिन दूसरी पारी में 342 रन बनने के बाद मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री बने जीत के गवाह
इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मैदान में मौजूद थे। वे फाइनल से एक दिन पहले ही हुबली पहुंच गए थे। आखिरी दिन जब टीम ने खिताब अपने नाम किया, तो उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। उनकी मौजूदगी ने टीम का हौसला और बढ़ाया।
सरकार की ओर से बड़ा इनाम
जीत के बाद मुख्यमंत्री ने पूरी टीम के लिए 2 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की। कप्तान पारस डोगरा और उनकी टीम के लिए यह खुशी दोगुनी करने वाला पल रहा। खिलाड़ियों ने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
इसे भी पढ़ें : हादसा या साजिश? युवक की मौत के बाद शव छिपाने की कोशिश, दो सगे भाइयों समेत पांच लोग गिरफ्तार
BCCI से अलग प्राइज मनी
सरकार के इनाम के अलावा BCCI की ओर से भी चैंपियन टीम को 5 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं उपविजेता कर्नाटक को 3 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। यानी खिलाड़ियों के लिए यह जीत आर्थिक रूप से भी काफी अहम साबित हुई है।
नई शुरुआत का संकेत
जम्मू कश्मीर की यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है। यह दिखाता है कि मेहनत और विश्वास से किसी भी टीम के लिए इतिहास बनाना संभव है। इस जीत से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आने वाले सीजन में टीम अपना प्रदर्शन कैसे बरकरार रखती है।