लखनऊ से सामने आई एक खबर ने यूपी की सियासत में हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को जल्द तलाक देने का ऐलान कर दिया है। यह जानकारी सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। वजह साफ है, अपर्णा यादव इस समय भाजपा की नेता हैं और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में यह मामला सिर्फ पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है।
मुलायम सिंह यादव का परिवार और उसका इतिहास
प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं। मुलायम सिंह यादव ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी मालती देवी थीं, जिनसे अखिलेश यादव का जन्म हुआ। मालती देवी का साल 2003 में निधन हो गया था। इसके बाद उनकी दूसरी पत्नी साधना यादव रहीं, जिनसे प्रतीक यादव पैदा हुए। लंबे समय तक यह बात सार्वजनिक नहीं थी, लेकिन साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट के सामने मुलायम सिंह यादव ने दो शादियों की बात स्वीकार की थी।
राजनीति में अलग-अलग रास्तों पर भाई
जहां अखिलेश यादव लगातार यूपी की राजनीति के केंद्र में बने रहते हैं, वहीं प्रतीक यादव ने हमेशा राजनीति से दूरी बनाए रखी है। प्रतीक कभी सक्रिय राजनीति में नहीं आए और न ही किसी पार्टी में कोई भूमिका निभाई। दूसरी ओर उनकी पत्नी अपर्णा यादव राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रही हैं। उन्होंने पहले समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा था, लेकिन बाद में भाजपा का दामन थाम लिया।
अपर्णा यादव का सियासी सफर
अपर्णा यादव साल 2022 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई थीं। भाजपा में आने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद से वह लगातार राजनीतिक कार्यक्रमों और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय नजर आती रही हैं। उनका पार्टी बदलना उस वक्त भी चर्चा में रहा था और इसे अखिलेश यादव के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना गया था।
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क्या करते हैं प्रतीक यादव
प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर व्यापार से जुड़े हुए हैं। वह अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। उनके पास महंगी गाड़ियों का अच्छा खासा कलेक्शन है, जिसकी वजह से वह कई बार सुर्खियों में भी रहे हैं। एक समय वह जिम ट्रेनर भी रह चुके हैं और फिटनेस को लेकर काफी सजग माने जाते हैं। इसके अलावा वह डॉग लवर हैं और जानवरों के लिए काम करने वाली जीव आश्रय फाउंडेशन नाम की संस्था भी चलाते हैं।
निजी मामला या सियासी असर
प्रतीक यादव के तलाक के ऐलान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यह मामला सिर्फ निजी है या इसका असर राजनीति पर भी पड़ेगा। एक तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा नेता अपर्णा यादव। ऐसे में यह विवाद दोनों दलों के लिए संवेदनशील बन गया है। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं और आगे क्या होगा, इस पर चर्चाएं लगातार जारी हैं।