दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट के बाद की संवेदनशीलता काफी बढ़ गई है। 6 दिसंबर यानि आज पूरी अयोध्या को अभेद किले में तब्दील कर दिया गया है। शहर के सभी प्रवेश द्वारों को सील करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जहां पुलिस, PAC और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें सघन चेकिंग अभियान चला रही हैं।
‘विजय दिवस’ के रूप में देखा जाता है
अयोध्या में पहले से लागू निषेधाज्ञा, यानी पुरानी धारा 144, को प्रशासन सख्ती से लागू कराई गई है। किसी भी सार्वजनिक स्थल पर भीड़ इकट्ठा करने, जुलूस निकालने या सभा करने की अनुमति नहीं है। 6 दिसंबर को मुस्लिम समाज इसे ‘यौमे-ग़म’ और हिंदू संगठनों द्वारा इसे ‘विजय दिवस’ के रूप में देखा जाता है। संभावित तनाव को रोकने के लिए इस वर्ष प्रशासन ने किसी भी संगठन को सार्वजनिक जगह पर कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी नहीं दी है।
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यह तारीख हर वर्ष संवेदनशील मानी जाती है
SSP डॉ. गौरव ग्रोवर के अनुसार शहर में पहले से कई स्थानों पर बैरियर लगाए गए हैं और सभी आने-जाने वालों की गहन जांच की जा रही है।1992 में 6 दिसंबर के दिन कारसेवकों द्वारा बाबरी ढांचा गिराए जाने के बाद यह तारीख हर वर्ष संवेदनशील मानी जाती है। अब उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिसके चलते कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।