Aligarh Conversion Network: अलीगढ़ में भी सक्रिय था धर्मांतरण रैकेट, जांच में खुफिया एजेंसियां जुटीं आगरा में अवैध धर्मांतरण गिरोह का खुलासा होते ही अलीगढ़ में भी खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। जांच में सामने आया है कि पूर्व में गिरफ्तार उमर गौतम ने अलीगढ़ में भी धर्मांतरण नेटवर्क फैला रखा था। हैरानी की बात यह है कि जिले से जनवरी 2025 से अब तक 97 महिलाएं लापता हो चुकी हैं, जिनमें 17 किशोरियां शामिल हैं। अब पुलिस और खुफिया इकाइयां इन मामलों को धर्मांतरण एंगल से भी जांच रही हैं।
उमर गौतम का अलीगढ़ कनेक्शन
धर्मांतरण के मामलों में दोषी उमर गौतम पहले भी अलीगढ़ में सक्रिय रहा है। उसने गरीब बस्तियों में टीम बनाकर लोगों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया था। उसने धर्म परिवर्तन करने वाली महिलाओं को ‘शाइनिंग स्टार्स’ नाम दिया था और धार्मिक साहित्य भी बांटा था। उमर की लिस्ट में 2018 में धर्मांतरण करने वाली 33 महिलाएं थीं, जिनमें तीन अलीगढ़ की थीं।
97 महिलाएं लापता, शक गहराया
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से अब तक 97 महिलाएं लापता हैं। इनमें से अधिकांश को बहला-फुसलाकर ले जाने की बात सामने आ रही है। परिवार वाले थानों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि अब एजेंसियों को शक है कि कुछ महिलाएं अवैध धर्मांतरण रैकेट की शिकार हो सकती हैं।
कलीम और अब्दुल्ला भी जुड़े नाम
लखनऊ में दोषी करार दिए गए कलीम सिद्दीकी का भी अलीगढ़ से संबंध रहा है। वह समय-समय पर यहां आता था। वहीं, बीते वर्षों में गाजियाबाद से पकड़े गए रैकेट में एक आरोपी अब्दुल्ला का नाम सामने आया, जो पहले एएमयू में सौरभ के नाम से पढ़ता था और वहीं धर्मांतरण हुआ था।
ATS व स्थानीय पुलिस सतर्क
आगरा में हुई कार्रवाई के बाद ATS और स्थानीय पुलिस अलीगढ़ में सतर्क हो गई है। हालांकि, एसएसपी संजीव सुमन के मुताबिक, अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन एजेंसियां एहतियातन नजर बनाए हुए हैं।
अलीगढ़ में महिलाओं के लापता होने की बढ़ती घटनाओं के बीच धर्मांतरण रैकेट का पुराना कनेक्शन नई चिंता का कारण बन गया है। अब एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन महिलाओं की गुमशुदगी के पीछे कौन सा सच छिपा है।