Monsoon session of parliament: संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्ष खासकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की रणनीति तेज कर दी है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को संसद में मौजूद रहना चाहिए, खासकर तब जब पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप से जुड़े मसलों पर चर्चा हो. रमेश ने पीएम की आगामी विदेश यात्रा को लेकर भी तंज कसा और कहा कि मोदी अक्सर संसद से ज्यादा विदेश दौरे पर रहते हैं, जबकि देश के अंदर गंभीर मुद्दों पर उनकी उपस्थिति जरूरी है.
विदेश यात्रा पर तंज, संसद में मौजूद रहने की मांग
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी साल में केवल एक बार संसद में दिखाई देते हैं, वो भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान. उन्होंने कहा कि पीएम को इस बार संसद की जिम्मेदारी निभानी चाहिए और पहलगाम जैसे बड़े आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के दौरान मौजूद रहना चाहिए. पीएम मोदी बुधवार से यूके और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा पर जाने वाले हैं, जिसे लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं.
विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव दिया, इंटेलिजेंस फेलियर पर सवाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आतंकवादी हमले और सुरक्षा चूक को लेकर गहरी चिंता जताई. वहीं, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब देश गंभीर घटनाओं से गुजर रहा है, तब प्रधानमंत्री की संसद में उपस्थिति जरूरी है. शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पहलगाम हमले में इंटेलिजेंस की नाकामी सामने आई है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई. इस घटना से जम्मू-कश्मीर का पर्यटन भी प्रभावित हुआ है, ऐसे में सरकार को जवाब देना होगा.